औद्योगिक क्षेत्र के लिए बनाएं योजना

  • डीएम ने एमआईडीसी अधिकारियों को दिया निर्देश

धुलिया. जिलाधिकारी संजय यादव (Collector Sanjay Yadav) ने एमआईडीसी (MIDC) में व्यापार उद्योग कारखानों को विकसित करने के लिए प्रारूप योजना बनाने के निर्देश महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों को समीक्षा बैठक में दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी मात्रा में पानी उपलब्ध है। ज़िले से अलग-अलग प्रदेशों को जोड़ने वाले हाईवे इस शहर समेत जिले से गुजरे हैं। इसके साथ कृषि उत्पादन प्रचुर मात्रा में है।

स्थानीय लोगों के लिए सृजित होंगे नए रोजगार

ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (Maharashtra Industrial Development Corporation) को औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार का प्रारूप बनाना चाहिए ताकि ज़िले में नए उद्योग कारखानों के माध्यम से रोजगार के नए साधन स्थानीय लोगों को उपलब्ध हों, इसके लिए तत्काल प्रारूप मसौदा तैयार करें। ऐसे निर्देश जिलाधिकारी तथा  जिला उद्योग मित्र समिति अध्यक्ष संजय यादव ने एमआईडीसी के अधिकारियों को दिए।        

जिलाधिकारी कार्यालय स्थित सतपुड़ा भवन में सवेरे जिला उद्योग मित्र समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस समय जिलाधिकारी यादव उपस्थितों को संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी दिलीप जगदाले, स्थानीय उप जिलाधिकारी संजय गायकवाड़, आगरा बैंक के महाप्रबंधक मनोज कुमार दास, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उपेंद्र सांगले, महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी अभियंता रमेश चंद्र गिरि, क्षेत्रीय अधिकारी अमित भामरे, प्रशिक्षु महाप्रबंधक अमोल इंगले,खानदेश औद्योगिक विकास परिषद के नितिन बंग, खानदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन के सचिव भरत अग्रवाल, धुलिया अवधान मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के नितिन देवरे, भाजपा उद्योग मोर्चा के संजय बागुल, राहुल मूंदड़ा, उमेश अग्रवाल उपस्थित थे।

प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न धुलिया

जिलाधिकारी यादव ने कहा कि धुलिया जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। यहां बुनियादी सुविधाएं भरपूर हैं।यातायात की कोई समस्या नहीं।अब हाईवे भी फोर वे आठ लेन हो चुके हैं। पानी भी भरपुर मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए, धुलिया जिले में उद्योग और व्यापार कारखानों के विकास के लिए एक बड़ा अवसर है। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।जो हम सभी को मिलकर करना चाहिए। उद्यमियों एवं बैंकिंग क्षेत्र को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ वित्तीय सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। इन सभी प्रयासों से भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।उद्योग,व्यापार बढ़ने से किसानों और उद्यमियों की आय बढ़ेगी। इससे बेरोजगारों को रोजगार देने में मदद मिलेगी।

बाहरी निवेशकों के लिए बनाएं माहौल

उद्यमियों को धुलिया में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में अन्य उद्यमियों को भी बताना चाहिए। ताकि बाहरी निवेशक यहां आकर उद्योग,व्यवसाय का दायरा बढ़ाएंगे। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल को उद्योजकों को सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। यहां अग्निशमन दल तत्काल कार्यान्वित करने की दृष्टि से प्रयास की जरूरत है। इसके साथ ही जलगांव जिले के रावेर में एमआईडीसी के विस्तार की योजना है। इसके अलावा गोंदुर हवाईअड्डे को मजबूत बनाने और लॉजिस्टिक हब निर्मिति के लिए जांच चल ही रही है। जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक नियमित लेने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया।

क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार के चर्चा

इस समय उद्योजकों ने एमआईडीसी इलाके में बिजली कनेक्शन,प्लॉट क्री,पानी,सड़कें,अतिक्रमण मुहिम चलाने समेत अन्य समस्याओं को लेकर चर्चा की और यह हल करने की भी मांग की।

धुलिया जिला प्राकृतिक संसाधनों से भरा है। यहां पर मूलभूत सुविधाएं भी हैं। यातायात की व्यवस्था है। इसी के साथ मार्गों की हालत संतोषजनक है। जिले में पर्याप्त पानी है। प्राकृतिक संसाधनों को देखते हुए कहा जा सकता है कि धुलिया जिले में उद्योग के लिए बड़ा अवसर है। लेकिन इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

-संजय यादव,  जिलाधिकारी