बारिश के पानी में डूबे कई मोहल्ले

मनपा की सफाई की खुली पोल

तालाब में तब्दील हुईं सड़कें 

8 दिनों के इंतजार के बाद बारिश

जलगांव. मानसून ने जलगांव महानगर पालिका द्वारा कराई गई सफाई की एक झटके में ही पोल खोल दी है. जलगांव शहर में अचानक हुई बारिश से मोहल्ले पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं . सड़कें हों या गली-मोहल्ले बारिश के पानी में डूब गए हैं. निचले इलाके टापू बन गए हैं. जिससे लोग घरों में कैद हो गए हैं. शहर के अनेक निचले इलाकों और स्कूलों में बारिश का पानी जमा होने के कारण नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. श्यामराव नगर समेत अन्य स्थानों पर जलजमाव होने के कारण लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा. पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है. शुक्रवार की देर रात जलगांव जिले में जमकर बारिश हुई.

बारिश से खिले किसानों के चेहरे

 8 दिनों की लंबी प्रतीक्षा के बाद झमाझम बारिश ने किसानों सहित नागरिकों के चेहरे खिल उठे हैं. किसानों पर बारिश की कमी के कारण आसमानी संकट मंडराने लगा था, किंतु इस बारिश ने जमीन में दबे बीज को अंकुरित करने में बड़ी अहम भूमिका निभाई है जिसके चलते किसानों के चेहरे खिल उठे हैं.

श्यामराव नगर बना तालाब

महानगर पालिका द्वारा सही ढंग से सफाई नहीं करने के कारण बारिश के झोंके में ही शहर की कॉलोनियों में बाढ़ सी आ गई. नालियों और नालों की स्वच्छता नहीं कराए जाने के कारण श्यामराव नगर तालाब में तब्दील हो गए हैं. सड़क पर दो से तीन फीट पानी जमा है. पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है. पानी लगने के वाहनों में खराबी आ गई. भारी जलजमाव के कारण सर्दी जुखाम मलेरिया और करोना के मरीज बढ़ने की संभावना बढ़ गई है परिसर के नागरिकों ने तुरंत पानी निकालने की मांग मनपा प्रशासन से की है.

टापू बने मोहल्ले 

बारिश के पानी के कारण शहर के कई मोहल्ले टापू बन गए हैं. लोगों के घरों में भी पानी प्रवेश कर गया है. आशा बाबा नगर श्यामराव नगर तांबा पूरा आदि मोहल्लों में पानी घरों में घुसने के कारण 2 घंटे तक नागरिक  घरों में कैद हो गए. तेज बारिश के कारण नालियों का कचरा पानी में तैरने लगा.जिसकी बदबू से परिसर के नागरिकों जीना मुहाल हो गया था. गंदगी के कारण लोगों के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हो गया है.