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    भुसावल. कोरोना (Corona) की दूसरी लहर (Second Wave) और ब्रेक द चेन (Break the Chain) के तहत जिला कलेक्टर अभिजीत राउत (Abhijeet Raut) ने शनिवार और रविवार को पूरी तरह से ज़िले में लॉकडाउन (Lockdown) का पालन करने के आदेश दिए हैं। इसमें दूध डेयरियों को भी बंद रखने को कहा गया है। 

    नागरिकों के मन में कशमकश है कि क्या शुक्रवार को लिया गया दूध सोमवार तक पर्याप्त होगा? और क्या यह गर्मी के दिनों में बेहतर होगा? और छोटे बच्चे, जिनको रोज दूध लगता है, उनको कैसे दूध देंगे, ऐसा सवाल खड़ा हो गया है। जबकि दूध तत्काल का मामला है और अति आवश्यक सेवा में आता है।

    दूध विक्रेताओं को राहत दिया जाए

    दूध विक्रेताओं ने ज़िला प्रशासन से गुहार लगाई है कि दो दिन के लॉकडाउन में दूध विक्रेताओं को राहत दिया जाए। दूध रोजमर्रा की चीज है। नागरिकों द्वारा डेयरी चालकों सहित इसे बंद से हटाने की मांग की गई है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए शुक्रवार की रात 8 बजे से दुकानें बंद होने के बाद सोमवार को सुबह 7 बजे तक दुकानों को फिर खोलने का निर्देश दिया गया है।