लापता कोरोना संक्रमित की सड़क हादसे में मौत

  • लापरवाह अधिकारियों को करें निष्कासित
  • सांसद उन्मेष पाटिल ने डीएम से की मांग

जलगांव/अमलनेर. जलगांव ज़िले में कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले उजागर होते रहते हैं. इसी कड़ी में बापू निंबा व्यक्ति क्वारंटाइन सेंटर से लापता हो गया और उसकी मौत ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक हादसे में हो गई थी. भाजपा की पूर्व विधायक स्मिताताई वाघ और सांसद उन्मेष पाटिल ने जिलाधिकारी तथा जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सेवा से निष्कासित करने की मांग की है.

अधिकारियों को लगाई फटकार

जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में सांसद उन्मेष पाटिल और पूर्व विधायक वाघ ने अमलनेर क्वारंटाइन सेंटर की लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा है कि पुलिस और डॉक्टरों की निगरानी से एक एक बुजुर्ग कोरोना संक्रमित मरीज रिपोर्ट आने से पहले ही डर के मारे क्वारंटाइन सेंटर से सुरक्षा व्यवस्था को  फार कर फरार हो जाता है. प्रताप महाविद्यालय से बाहर जाने के लिए एक ही मार्ग है. 

पुलिस की नाक के नीचे से निकला मरीज

फिर भी पुलिस की नाक के नीचे से संक्रमित व्यक्ति कैसे लापता हो गया. प्रशासन ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि पुलिस गश्त पर नहीं थी.अथवा पुलिस कर्मी सो रहे हो थे. या  मोबाइल पर गेम खेल रहे थे, इतना बड़ा आदमी केंद्र से गायब हो जाता है और उसके ठिकाने का पता किसी को नहीं चलता है. सांसद ने सवाल उठाया कि क्या स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था वास्तव में काम कर रहे हैं ऐसा इस घटना से नहीं लगता है. कोरोना से आम आदमी भयभीत और त्रस्त है.

दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन

प्रशासन को घटना का जवाब देना ही पड़ेगा और संबंधित दोषियों को तत्काल सेवा से निष्कासित करने पर ही मृतक की आत्मा को शांति मिलेगी, इस तरह का वक्तव्य सांसद पाटिल ने किया है. इस मामले की अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है. चोपड़ा उपविभागीय अधिकारी जांच पड़ताल कर 8 दिनों के भीतर पुलिस अधीक्षक को रपट सौंपेंगे. पुलिस अधीक्षक पंजाबराव उगले ने दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन उन्मेष पाटिल और पूर्व विधायक स्मिता वाघ को दिया है.