राकां ने किया ‘रास्ता रोको’ आंदोलन

  • संसद में कृषि बिल पास होने से भारी आक्रोश
  • 2 किमी लंबी लगीं वाहनों की कतारें

जलगांव. केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल का विरोध करने के लिए शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन आयोजित किया गया. जलगांव में गिरना नदी पुल के पास राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने रास्ता रोको आंदोलन किया. संसद में तीन बिल आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक पारित किये गए. इनका उद्देश्य ठेके पर खेती यानि ‘कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग’ को बढ़ाना, खाद्यान के भंडारण की सीमा तय करने की सरकार की शक्ति को खत्म करना और अनाज, दालों, तिलहन, आलू और प्याज जैसी सब्जियों के दामों को तय करने की प्रक्रिया को बाजार के हवाले करना है.

यातायात व्यवस्था चरमराई

राकां पदाधिकारियों द्वारा सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया गया. जिसके कारण सड़क यातायात प्रभावित हुई. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हस्तक्षेप किया. 2 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित रही. वहीं  आंदोलनकारियों ने एंबुलेंस को जाने के लिए रास्ता दिया. पुलिस ने आंदोलन के स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए थे.

आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट रविंद्र भैया पाटिल ने कहा कि इस विधेयक के कारण सिर्फ बिचौलियों और बड़े उद्योगपतियों का फायदा होगा और छोटे और मझोले किसानों को अपने उत्पाद के सही दाम नहीं मिल पाएंगे. सरकार ने बिलों को किसानों के लिए कल्याणकारी बताया है, लेकिन कई किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और विपक्षी दलों का कहना है कि इन बिलों की वजह से कृषि उत्पादों की खरीद की व्यवस्था में ऐसे बदलाव आएंगे जिनसे छोटे और मझोले किसानों का शोषण बढ़ेगा.

पारित तीनों विधेयक जनता के खिलाफ

अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मलिक ने कहा कि तीनों बिल संसद से पारित हो चुके हैं और अब उन पर बस राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने बाकी हैं. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही तीनों बिल कानून का रूप ले लेंगे. विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से बिल को मंजूरी ना देने की अपील की है. बिलों के विरोध में लोकसंघर्ष मोर्चा एनसीपी कार्यकर्ताओं द्वारा रास्ता रोको आंदोलन करने से नागपुर-सूरत महामार्ग पर जाम लगा था.

कई संगठनों के कार्यकर्ता हुए शामिल

इस मौके पर प्रतिभाताई पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस जिलाध्यक्ष एड. रविंद्र भैय्या पाटिल, अल्पसंख्यक आघाड़ी प्रदेशाध्यक्ष गफ्फार मलिक, सामाजिक कार्यकर्ता फारूख शेख, राष्ट्रवादी प्रवक्ता योगेश देसले, पूर्व उपमहापौर करीम सलार, किसान सेल जिलाध्यक्ष सोपान पाटिल, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद देशमुख सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी विभिन्न संगठनों के नेता व कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हुए.