बिलों में नहीं लगाया गया अतिरिक्त चार्ज

बिजली बिलों की अफवाहों पर उपभोक्ता न करें विश्वास  

ऑनलाइन पोर्टल से भुगतान समझें : महावितरण

जलगांव. महावितरण सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली सप्लाई कंपनी है. महावितरण के बिजली बिलों में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जाता है. सोशल मीडिया पर बिजली विभाग के मनमाना बिजली वसूली के मैसेज वायरल किए जा रहे हैं जिसका विभाग ने खंडन किया है. विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दरों पर बिजली शुल्क लगाया जाता है. बिजली के बिल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहा संदेश उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है.

सोशल मीडिया पर चल रहे गुमराह वाले मैसेज

महावितरण ने ग्राहकों से अपील की है कि वे बढ़े हुए या गलत बिजली भुगतानों की अफवाहों पर विश्वास न करें. MSEDCL ने कोरोना काल के दौरान एहतियात के तौर पर मीटर रीडिंग, बिजली बिलों का वितरण बंद कर दिया था.ग्राहकों को औसत बिजली भुगतान बिल भेजा गया,  लेकिन अब प्रतिबंधित क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों पर मीटर रीडिंग शुरू कर दी गई है. ग्राहकों को मीटर रीडिंग के अनुसार तीन महीने का भुगतान स्लैब लाभ प्रदान किया गया है. यदि ग्राहक ने अप्रैल, मई  महीने में औसत बिलों का भुगतान किया है, तो मीटर रीडिंग के तीन महीने बाद भुगतान काट कर दिया जाएगा. 

अब शुरू होगी मीटर की रीडिंग

उपभोक्ता बिजली बिल की जानकारी हेतु अपने बिजली मीटर पर रीडिंग सुनिश्चित करें. बिजली बिल के पीछे दिए गए बिजली की खपत के चरण के अनुसार दर और बिजली बिल की गणना करने का प्रयास करें.यदि आप पिछले वर्ष के ग्रीष्मकालीन उपयोग की तुलना इस वर्ष के तलॉक डाउन में घर पर 24-घंटे रहने के साथ करते हैं, तो आप देखेंगे कि इस वर्ष का उपयोग पिछले वर्ष के उपयोग की तुलना में अधिक है. बिजली विभाग ने ग्राहकों को ऑनलाइन बिजली बिलों की जानकारी और भुगतान गणना समझने के लिंक का उपयोग करने की अपील की है जिसमें ग्राहकों को उनका ग्राहक नंबर लिखना होगा. https://billcal.mahadiscom.in/consumerbill/ कोरोना पीड़ितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है.बिजली बिलों की गलतफहमी पर MSEDCL कार्यालय में उपभोक्ता भीड़ भाड़ ना करें.अपने बिजली बिल को समझें. किसी भी प्रकार की समस्या वेबसाइट पर अथवा MSEDCL मोबाइल ऐप या ग्राहक पोर्टल पर घर से बिजली भुगतान के बारे मे शिकायत दर्ज कराने की अपील महावितरण ने की है.