अब सिविल अस्पताल में गैर कोविड मरीजों का इलाज

  • जिलाधिकारी राउत ने दी जानकारी
  • जिले में कोरोना मरीजों में आई कमी

जलगांव. कोरोना बीमारी के चलते कोरोना रोगियों (Corona patients) का बेहतर इलाज करने की दृष्टि से यहां जिला सरकारी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (सिविल) का अधिग्रहण किया गया था। इसके साथ ही यहां सिर्फ कोविड मरीजों का ही इलाज किया जा रहा था। अब कोरोना के मरीज कम होने से फिर से सिविल अस्पताल में नॉन कोविड रोगियों (Non covid patients) का गुरुवार से इलाज शुरू कर दिया जाएगा।

ऐसी जानकारी जिलाधिकारी अभिजीत राउत ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में दी। कोरोना महामारी के चलते पिछले सात महीने पहले कोविड मरीजों के लिए अस्पताल का अधिग्रहण किया गया था।जिले में कोरोना मरीजों में कमी के आने से अब यह मरीजों के साथ-साथ गैर-कोविड रोगियों को बेहतर सुविधाएं और समय पर उपचार प्राप्त करने के लिए प्रशासन ने जिला अस्पताल शुरू करने का निर्णय लिया है।

डीएम ने किया तैयारियों का निरीक्षण

जिलाधिकारी अभिजीत राउत ने यह जानकारी दी। इससे पहले, उन्होंने कॉलेज के विभिन्न विभागों का दौरा किया और अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। उनके साथ जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ बी एन पाटिल, कॉलेज के डीन डॉ जय प्रकाश रामानंद, जिला सर्जन एन एस चव्हाण,डीन डॉ मारुति पोटे, चिकित्सा अधीक्षक वैभव सोनार आदि उपस्थित थे।

65 कोरोना मरीजों का उपचार

जिलाधिकारी ने कहा कि यहां अभी भी 65 कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार अत्यावश्यक सेवा -सुविधाएं  दी जा रही हैं।अस्पताल के मध्यवर्ती इमारत में गैर-कोविड रोगियों के इलाज के लिए 300 बेड और कोविड रोगियों के लिए 125 बेड की व्यवस्था की गई है। कोरोना काल के दौरान यहां अच्छी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसके चलते जिले के नागरिकों को ज़िला

मरीजों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं

जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में उत्कृष्ट गुणवत्ता की सुविधाएं और बेहतरीन उपचार होंगे। इसके साथ ही भविष्य में कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य यंत्रणा तैयार है।  महात्मा ज्योतिबा फुले जनारोग्य योजना से लाभांवित होने के लिए मरीजों को राशन कार्ड और आधार कार्ड अपने साथ लाना आवश्यक है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले रोगियों को महात्मा ज्योतिबा फुले जनरोग्य योजना का लाभ दिया जा रहा है।

महिला-पुरुष के लिए अलग लाइन

केस पेपर निकालने के लिए लंबी लाइनें लगती हैं। इस भीड़ से बचने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए एक अलग कतार होगी। पहले चरण में, स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना के खिलाफ टीका लगाया जाएगा। इसके लिए जिले में 15 हजार से अधिक कर्मचारियों को पंजीकृत किया गया है और सरकार से वैक्सीन प्राप्त करने के बाद टीका लगाने का काम शुरू हो जाएगा। डॉ. चव्हाण ने यह जानकारी दी।