पपीता, केला भी रोगायो में हो शामिल

  • आदिवासियों की वन भूमि को कृषि गारंटी योजना में शामिल करने की मांग ने पकड़ा जोर

शिरपुर. प्रधानमंत्री फल बीमा योजना के तहत केला और पपीता फसलों को रोजगार गारंटी योजना और बागवानी में शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी है. इस संबंध में पूर्व मंत्री अमरीश पटेल और उप नगराध्यक्ष भुपेश पटेल के मार्गदर्शन में विधायक काशीराम पावरा सहित एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के फलोत्पादन मंत्री संदीपान भूमरे को ज्ञापन सौंपा.

मंत्री के आवास पर की मुलाकात

शिरपुर तालुका विधायक काशीराम पावरा, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा जिला उपाध्यक्ष के डी. पाटिल, शिरपुर किसान सहकारी चीनी कारखाना निदेशक भरत पाटिल, शिरपुर कृषि उपज मंडी समिति के निदेशक एड.बाबा पाटिल ने रोजगार गारंटी और फलोत्पादन मंत्री संदीपान भूमरे से उनके आवास पर मुलाकात की. इस समय औरंगाबाद से भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहराध्यक्ष आकाश पवार और गौरव पाटिल भी मौजूद थे.

केला किसानों को भी मिले सब्सिडी

रोजगार गारंटी और बागवानी मंत्री संदीपान भूमरे को पूर्व मंत्री अमरीश पटेल और विधायक काशीराम पावरा की ओर से एक ज्ञापन दिया गया, जिसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र में अन्य फलों की फसलों के लिए रोपण, बीजारोपण, उर्वरक और मजदूरी के लिए सब्सिडी दी जाती है. चूंकि नर्सरी से केला और पपीता के पौधे महंगे मिलने से इसका खर्च किसान वहन नहीं कर पा रहा है. इसलिए किसानों के लिए केला और पपीते को अन्य फलों की फसलों के मापदंड के अनुसार रोजगार गारंटी योजना और फलोत्पादन में शामिल किया जाना चाहिए.

सभी किसानों को मिले लाभ

शिरपुर तहसील में एक बड़ा आदिवासी क्षेत्र है, आदिवासियों को आवंटित वन भूमि को भी इस कृषि गारंटी योजना में शामिल किया जाना चाहिए. ऐसी मांग भी ज्ञापन में की गयी है. इसके साथ ही अल्प भू धारक किसानों के साथ-साथ बड़े किसानों को भी सरकार की इस योजना का लाभ मिलना चाहिए.

पूर्व मंत्री अमरीशभाई पटेल के साथ मोबाइल पर सभी मांगों पर चर्चा करेंगे और इस संबंध में 100 प्रतिशत अनुकूल निर्णय लेंगे और सभी मांगों को पूरा करेंगे. इस विषय को लेकर लगातार पटेल और पावरा द्वारा हो रहे प्रयासों को देख किसानों ने भी ख़ुशी जताई है.

-संदीपान भूमरे, फलोत्पादन मंत्री