फिर शौचालय में गिरने से व्यक्ति की मौत

सुधरने को तैयार नहीं जलगांव जिला अस्पताल

इससे पहले जा चुकी है और 3 की गई जान 

8 दिनों तक पड़ा रहा महिला का शव

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

जलगांव. अस्पताल की लापरवाही के कारण शनिवार को जिला अस्पताल में चौथे मरीज की मौत हो गई है. परिजनों ने जिला अस्पताल की लापरवाही और उदासीनता पर प्रहार करते हुए कहा कि अस्पताल की लापरवाही के कारण अमलनेर निवासी 46 वर्षीय रोगी की शौचालय में गिरकर मौत हुई है. गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला अस्पताल के शौचालय में गिरने से तीन व्यक्तियों की मौत हुई है. जिसमें एक महिला की मौत 8 दिन के बाद उजागर हुई थी. जिसे लेकर जिले सहित पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी. अमलनेर तहसील के क्षेत्र के एक 46 वर्षीय व्यक्ति को कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर ज़िला अस्पताल में 19 जून को भर्ती कराया गया था.दो दिनों के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी. 

रिपोर्ट निगेटिव आने से किया गया था स्थानांतरित

वे अन्य बीमारियों से पीड़ित थे.उन्हें कोविड अस्पताल के कक्ष दस में अन्य बीमारियों के इलाज कराने के लिए भर्ती कराया गया था.इस बीच तबीयत खराब होने के कारण उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में 24 जून को स्थानांतरित कर दिया. थोड़ा स्वस्थ होने पर उन्हें सामान्य वार्ड में फिर स्थानांतरित कर दिया गया. जिला अस्पताल के सूत्रों के अनुसार शनिवार को शौचालय जाते समय उन्हें चक्कर आया और वे वहीं गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई, ऐसी पुष्टि प्रशासन द्वारा की गई है.

लापरवाही से मृतकों की संख्या बढ़ी

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिभा समेत मृतक के परिजनों ने इसे ज़िला कोविड अस्पताल की लापरवाही बताया है .जिसके कारण ज़िला अस्पताल में बड़े पैमाने पर कोविड मरीजों की मृत्यु हो रही है.उन्होंने आरोप लगाया है कि सीरियस मरीजों को शौच क्रिया के लिए 10 मिनट दूर शौचालय में जाना पड़ता है.ऐसे में बहुत से रोगियों को ऑक्सीजन लगी रहती है. ऑक्सीजन हटाकर स्वच्छता कक्ष तक अकेले भेजा जाता है. 

चिकित्सा कर्मियों की कमी

पर्याप्त संख्या में अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ नहीं होने के कारण रोगियों को अस्पताल ने राम भरोसे छोड़ दिया है. मालती नेहते बुद्धा के मामले में भी जिला अस्पताल प्रशासन ने उदासीनता बरती. उन्हें वहीं पर सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिसके चलते शौचालय में गिरकर उनकी मृत्यु हो गई थी और 8 दिनों तक उनका शव शौचालय में सड़ता रहा. प्रतिभा शिंदे ने उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.

कई रोगों से पीड़ित

मृतक व्यक्ति की रिपोर्ट  निगेटिव थी. लेकिन उन्हें कोरोना के लक्षण थे. इसी के साथ मधुमेह रोग से पीड़ित होने के कारण उनका इलाज चल रहा था. गंभीर रोगियों को बेडपॅन की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं.

-डॉ. जय प्रकाश रामानंद, 

अधिष्ठाता, शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल जलगांव