पुलिस कर्मियों ने श्रमिकों को भेजा घर

पुलिस का बदला व्यवहार देख मिला सुकून

पुलिस कर्मियों की हो रही सराहना

जलगांव /भुसावल. कोरोना वायरस में पुलिस की भागदौड़ भरी जिंदगी कितनी तनाव पूर्ण होती है. ये बात किसी से छिपी नहीं है. ना किसी को अपने लिये वक्त है और ना ही दूसरों के लिए. अब इसे काम का दबाव कहिए या फिर ऑफिस का प्रेशर हम जरूरत मंदों की मदद के लिए चाहकर भी कुछ नहीं करते. फिर भी कुछ लोग हैं जो इस भागमभाग जिंदगी  में भी इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं. इसका जिंदा जागता मिसाल भुसावल बाजार पेठ पुलिस ने पेश की है. एक परिवार को उत्तर प्रदेश जाने के लिए पुलिसकर्मियों ने भोजन नाश्ता के साथ टिकट की व्यवस्था की. पुलिस के सराहनीय कार्य की पूरे जिले में सराहना की जा रही. भुसावल बाजार पेठ पुलिस थाने के कर्मी कोरोना वायरस के थाना क्षेत्र में तैनात थे. 

टिकट और भोजन की व्यवस्था

इसी दौरान उन्हें आठ व्यक्ति परेशान हाल में दिखाई दिये. जांच पड़ताल में पुलिस को उन्होंने बताया कि वह श्रमिक मजदूर हैं. उत्तर प्रदेश जाना चाहते हैं किंतु उनके पास जाने के लिए किराया नहीं है. पुलिस कांस्टेबल रुपेश सालवे नियंत्रण कक्ष कॉन्स्टेबल प्रमोद वाडीले ,ऋषिकेश बारी तीनों पुलिस कर्मियों ने खुद की जेब से उत्तर प्रदेश जाने के 8 टिकट के लिए अट्ठारह सौ रुपए खर्च किया. वहीं ओके पैसे श्रमिक मजदूरों के लिए खाने-पीने पीने की व्यवस्था  के साथ 2500 रुपये नकद राशि उन्हें बतौर सहायता प्रदान की है. पुलिसकर्मियों के इस सामाजिक कार्य के चलते नागरिकों की जबान से निकला कि आज भी पुलिस के दिल में इंसानियत जिंदा है.