असोदा में दूषित जलापूर्ति से जनता में आक्रोश

  • स्वच्छ शुद्ध जल आपूर्ति करने की मांग

जलगांव. निसर्ग कन्या कवयित्री बहिणाबाई चौधरी के पैतृक गांव असोदा में प्रशासन की लापरवाही बरतने के कारण नागरिक दूषित पानी पीने को विवश हैं. बारिश के मौसम में बिना फिल्टर पानी इनेलो से आपूर्ति किया जा रहा है जिसके चलते नागरिकों में रोष व्याप्त है.कोरोना वायरस की महामारी के कारण प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ रहने की अपील की है. बारिश के मौसम शुरू है. असोदा ग्राम पंचायत ने लापरवाही की सीमा पार करते हुए नलों से बिना फिल्टर पानी की आपूर्ति शुरू किया है. 

लोगों के स्वास्थ्य को खतरा

इसके चलते नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा निर्माण हो गया है. नागरिकों ने ग्राम पंचायत प्रशासन के प्रति गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा है कि गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत द्वारा दूषित पानी का रिकॉर्ड दर्ज किया जाए क्योंकि जलापूर्ति तथा स्वच्छता मंत्री जलगांव के हैं. चिराग तले अंधेरा है. इस तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है. नागरिकों ने ग्राम पंचायत के कार्य पर प्रश्न उपस्थित करते हुए कहा है कि असोदा ग्राम पंचायत करती भी क्या है.

ग्राम पंचायत के कार्यों पर उठी उंगली

 समय पर नागरिकों का स्वच्छ साफ पानी भी उपलब्ध करा नहीं सकती. तत्काल ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का खेल बंद किया जाए. वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं और बच्चों को दूषित पानी पीने से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ा है. जल्द ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी इस तरह की मांग ग्रामीणों ने की है.