Rare Leopard Gecko Lizard found in the village

    धुलिया. शिरपुर तहसील (Shirpur Tehsil) के पलासनेर गांव (Palasner Village) के पुराने बाजार प्रांगण में पश्चिम भारतीय लेपर्ड गेको छिपकली की एक दुर्लभ प्रजाति पाई गई है। वह घायल (Injured) पाई गई और उसका इलाज (Treatment) किया गया और वन विभाग की मदद से जंगल में छोड़ दिया गया। पश्चिम भारतीय लेपर्ड गेको को पालसनेर के पुराने बाजार यार्ड क्षेत्र में एक घायलावस्था में देखा गया था। 

    यह एक प्रकार की छिपकली होती है जो दुर्लभ मानी जाती है और कहीं दिखाई नहीं देती। सतपुड़ा वन्यजीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष लकी जगदेव, पशु मित्र अरविंद जमादार, अंकित जैन, दीपक गिरसे, मयूर जाधव, निशिगंध पवार, प्रमोद शीर्षस्थ, प्रेम बिरहाडे को यह छिपकली मिली। यह छिपकली आमतौर पर 5 से 7 इंच लंबी होती है। इस छिपकली के शरीर पर तेंदुए जैसे रंग और धारियां होती हैं, इसलिए इसका नाम लेपर्ड गेको पड़ा। दूसरी छिपकलियों की चलने की गति तेज होती है, लेकिन लेपर्ड गेको छिपकली मगरमच्छ की तरह चलती है, पशु मित्र लकी जगदेव ने इसकी जानकारी दी। 

    इलाज के बाद जंगल में छोड़ा

    पालसनेर क्षेत्र में यह छिपकली पहली बार दिखाई दी है। इस छिपकली का इलाज कराने के बाद वन विभाग के रेंज वन अधिकारी आनंद मेश्राम के सहयोग से उसे को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।