Silence Sakri 'Janata Curfew'

    साक्री. धुलिया शहर (Dhulia City) तथा साक्री शिरपुर तहसील (Sakri Shirpur Tehsil) के सभी ग्रामीण हिस्सों में जनता कर्फ्यू (Janata Curfew) का डी एम संजय यादव द्वारा ऐलान करने के बाद सोमवार सुबह से चहुं ओर सन्नाटा पसरा है। व्यवसायी प्रतिष्ठान, सब्जी मंडिया, स्कूलें, कॉलेजों और सभी कार्यालय बंद हैं। जिसके चलते बाजारों में सन्नाटा है। 

    स्वास्थ्य विभाग से जारी रविवार की सूचना के अनुसार 75 वर्षीय बुजुर्ग की साक्री में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। कोरोना से हुई वृद्धि की मौत से लोगों में खौफ व्याप्त है। हर गली, नुक्कड़ और कस्बों से संदिग्ध संक्रमित मरीज निकल कर आ रहे हैं।

    निजी अस्पतालों में मरीजों की लगी भीड़

    निजी अस्पतालों में मरीजों की बाढ़ आई है, वहीं संक्रमण के ज्यादा लक्षण दिखाई देने पर तहसील से अपने परिजनों को लेकर नजदीकी शहरों मालेगांव, धुलिया, नाशिक तथा मुंबई में भर्ती कराया जा रहा है।अबकी बार युवकों से ज्यादा बुजुर्ग और उम्रदराज लोगों में ज्यादा संक्रमण नजर आ रहा है। तहसीलदार ने डी एम यादव के आदेश के बाद जारी किए निर्देशों में अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़ सभी व्यवहार बुधवार सुबह 6 बजे तक बंद रखने का आदेश दिया है। 

    31 मार्च तक बंद रहेंगे साप्ताहिक हाट

    नगर पंचायत के मुख्याधिकारी देवेंद्र परदेशी ने रविवार के साप्ताहिक हाट को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्देश दिया है।वे स्वयं भी सड़कों पर नागरिकों को आह्वान करते दिखे। सोमवार को सुबह से सभी प्रतिष्ठान और हड़ताल के चलते नेशनल बैंकों के बंद रहने से गांवों से तहसील की ओर तथा शहर में भी आवाजाही ठप रहने से खौफजदा लोगों ने घर में रहना पसंद किया। इससे सड़कें सुनसान रहीं।

    वैक्सीन को लेकर लोगों में उत्साह

    कोरोना वैक्सीन के प्रति भी लोगों में उत्साह नजर आ रहा है। हर दिन लगभग 100 बुजुर्गों (60 वर्षीय) को फिलहाल सरकारी ग्रामीण अस्पताल में वैक्सीन दी जा रही है। डाईबेटिस, अस्थमैटिक और  हृदयरोगियों को प्राथमिकता भी दी जा रही है। वहीं निजी अस्पतालों में स्वतःस्फुर्ती से लोग वैक्सीन ले रहे है।