प्रशासन की मिलीभगत से रेत की तस्करी

  • शिंदखेड़ा तहसीलदार की रशीद पर जलगांव से रेत की ढुलाई
  • 200 वाहन एक दिन में लगाते है 1200 चक्कर
  • 15 लाख रुपए प्रति दिन सरकार को लग रहा चूना

जलगांव. प्रशासन की मिलीभगत से ताप्ति नदी से दिन-रात अवैध तरीके से रेत का उत्खनन एवं ढुलाई जारी है. धुलिया जिले की रायल्टी का फर्जीवाड़ा कर जलगांव की नदियों से पुलिस और राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकार का प्रति दिन लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा रहे हैं. प्रशासन के आला अधिकारी मूकदर्शक बनकर तमाशा देखा रहे हैं. आरटीओ पुलिस और राजस्व विभाग इस बन्दरबाट में मोटी मलाई काट रहे हैं जिसके चलते पर्यावरण का बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है.

बुलढाणा के बाद रेत चोरों ने अब धुलिया जिला स्थित शिंदखेड़ा तहसीलदार की रसीद पर जलगांव से रेत का ढुलाई शुरू कर दी है.जलगांव और धरणगांव तहसील की गिरणा नदी से लगभग 200 वाहनों में एक दिन में 1200 चक्कर लगाया जाता है, इससे लाखों रुपये की रेत की चोरी हो रही है. इस मामले में, राजस्व टीम ने शाम को एक डम्पर पर कार्रवाई की. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि डम्पर एक कॉर्पोरेटर का है.

राजस्व टीम ने शहर के बजरंग बोगदा और एसएमआईटी कॉलेज के बीच रेत ले जा रहे एक डम्पर (MH-19, CY-9171) को रोका और उससे जरूरी कागजातों की मांग की. ड्राइवर ने शिन्दखेड़ा तहसील के टाकरखेड़ा की रसीदें दिखाई. संबंधित रेत अवैध रूप से ले जाने की शिकायत मिलते  ही राजस्व विभाग की टीम ने यह डंपर जब्त कर लिया.जब्त किया डंपर जिलापेठ पुलिस स्टेशन लाया गया है. इसी तरह मोहाड़ी से भी 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया है.

खुलेआम बेची जा रही रेत

शहर में सरेआम अवैध रूप से रेत लाई और बेची जा रही है. शहर के विभिन्न इलाकों में रेत से भरे डंपर और ट्रैक्टर नजर आ रहे हैं, पर राजस्व अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा है. अफसर यह सब देखते हुए अनदेखी कर रहे हैं, जिससे रेत तस्कर खुलेआम नदियों से अवैध रूप से रेत उत्खनन कर सप्लाई कर रहे हैं.

एक-दूसरे विभाग पर फोड़ रहे ठीकरा

अफसरों से पूछे जाने पर पुलिस अपने आपको इस बात से दूर कर राजस्व विभाग को दोषी करार देती है तो राजस्व विभाग द्वारा सुरक्षा के नाम पर पुलिस पर ठीकरा फोड़ा जाता है.

परियोजना में रेत पहुंचाने का बहाना

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 नवंबर से जिले में शिंदखेड़ा की रेत उत्खनन की रसीदों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से रेत की सप्लाई  की जा रही है. कहा जा रहा है कि दीपनगर में एक परियोजना के लिए इस रेत का उपयोग किया जा रहा है. 50 रुपये प्रति ब्रास के हिसाब से यह रसीदें शिंदखेड़ा तहसीलदार से ली हैं. अवैध रूप से रेत जलगांव जिले की नदियों से उत्खनन कर सप्लाई जलगांव शहर सहित जिले में दबंग व्यक्ति अधिकारियों की मिलीभगत से कर रहे हैं.

कुछ रसीदें तो जेरोक्स कर इस्तेमाल में लाई जा रही हैं, यानि एक रसीद पर दो जगहों से रेत ढुलाई का काम चल रहा है. सावखेड़ा, टाकरखेड़ा, वैजनाथ, नीमखेड़ी, आव्हानी, फूपनगरी में नदी के घाटों से प्रतिदिन 200 वाहन रेत सप्लाई कर रहे हैं. प्रत्येक वाहन दिन में छह चक्कर लगाता है. यानि कुल 1200 चक्कर लगाया जाता है. इससे स्पष्ट होता है कि नदियों से हर दिन लगभग 15 लाख रुपये की रेत निकाली जा रही  है.  प्रशानिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण पर्यावरण के साथ करोड़ों का राजस्व का नुकसान रेत माफिया पहुंचा रहा है.