197 teachers' December salary halted
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    साक्री. स्कूलों (Schools) में छात्रों (Students) की अनुपस्थिति के कारण आखिरकार शिक्षा विभाग (Education Department) को झुकना पड़ा। माता-पिता ने अपने बच्चों को कोरोना के कारण स्कूलों और कॉलेजों में भेजना बंद कर दिया है। मौतों में वृद्धि और शिक्षकों के संगठन की चेतावनी के बाद अब शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल नहीं जाने की छूट दे दी गई है। शिक्षा विभाग में सभी कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) दिया है।

    प्राइमरी से लेकर जूनियर कॉलेज तक सभी वर्गों के छात्र, शिक्षक तथा वहां कार्यरत सभी कार्यालयीन कर्मियों के लिए आधिकारिक तौर पर जिला शिक्षा अधिकारी मनीष पवार (प्राइमरी) और डॉ. वैशाली झनकर (सेकेंडरी) ने  सार्वजनिक पत्र जारी करते हुए छुट्टी (अवकाश) घोषित कर दी है। किसी भी शिक्षा संस्थाओं से संबंधित घटक को पढ़ाई या ड्यूटी के लिए नहीं बुलाए जाने का आदेश जारी किया गया है।

    ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने को कहा गया 

    चूंकि 10वीं तथा 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। उनके लिए वर्क फ्रॉम होम यानी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने को कहा गया है। तहसील में कोरोना की सबसे गहरी मार अध्यापकों पर ही पड़ी है। बड़ी तादाद में शिक्षक दम तोड़ रहे हैं। शिक्षक समुदाय को इस आदेश से बड़ी राहत मिली है। जिले में विगत 2 हफ्तों से हर दिन सैकड़ों की संख्या में कोरोना से संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। कोरोना से होने वाली मौतों में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। इसके चलते सभी ओर खौफ का माहौल है। एक ओर बच्चे नहीं आ रहे हैं, दूसरी ओर 50 प्रश शिक्षक और आफिस कर्मियों को काम पर बुलाने के आदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए थे। इसको लेकर सभी वर्गों में खासा आक्रोश था। ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनियों द्वारा शिक्षा विभाग को महामारी की भयावहता से अवगत कराया जा रहा था। लेकिन सूबे के मंत्रिमंडल की मीटिंग में उक्त विषय पर कोई निर्णय लिए जाने की प्रतीक्षा की जा रही थी। मंत्रिमंडल के निर्णय के तुरंत बाद जिले के डीएम और उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने लॉकडाउन पर निर्देश और छुट्टी की घोषणा की।

     10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित 

    सभी ओर कोरोना प्रकोप में हुई वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय नागरिकों का सर्वे भी घर-घर जाकर कर रहे हैं। उक्त सर्वे के लिए मोटे तौर पर शिक्षकों को ही काम दिया गया है। उक्त कामों में लगे शिक्षकों को विभाग द्वारा निर्देशित बस्ती-कालोनियों में सर्वे करने के आदेश भी जारी हुए हैं। सर्वे के काम में आदेशित शिक्षकों को कोई राहत नहीं दी गई है। जिन्हें छुट्टी मिली है, ऐसे किसी कर्मचारी और शिक्षकों को अपनी ड्यूटी क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने सूबे के शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं केवल स्थगित की गई हैं, उनका टाइमटेबल जल्द जारी होने की घोषणा की गई है। इसे लेकर उक्त परीक्षाओं को रद्द किए जाने की उम्मीद में बैठे सभी को झटका लगा है। फिलहाल 15 से 30 अप्रैल तक घोषित लॉकडाउन के चलते और शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत स्कूलों तथा कॉलेजों के काम बंद ही रहेंगे।