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धुलिया. कड़ाके की ठंड से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। शुक्रवार को आसमान में बादल छा गए। गत दो दिनों से ठंड से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा था कि बीती रात को धुलिया का तापमान एक बार फिर से लुढ़का कर 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं  अधिकतम तापमान 21 दर्ज किया है।

शुक्रवार दोपहर में हल्की धूप भी निकली, जिससे लोगों ने मामूली सी राहत महसूस की। लेकिन शाम होते-होते फिर से शीतलहर ने शाम को फिर से सर्द हवाएं चली। 23 दिनों के बाद धुलिया में एक बार फिर से कड़ाके की ठंड के दस्तक देने से सर्दी से राहत पाने के लिए लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आए। बच्चे व बुजुर्ग ठंड के चलते घरों में दुबके रहे। पिछले 22 दिनों से ठंड से कुछ राहत मिली थी, तो सड़कों पर देर तक चहल-पहल रहती थी और बाजार गुलजार रहते थे, लेकिन अब फिर से सड़कें जल्दी ही सुनसान हो रही हैं। हालात यह हो चुके हैं कि शाम के सात बजते ही दुकानों को बंद कर दुकानदार घरों को रवाना हो हो जाते हैं, क्योंकि बाजारों में ग्राहक ही नहीं दिखाई देते हैं। वहीं सर्दी के प्रकोप से बचने के लिए गर्म कपड़ों की दुकानों में गर्म कपड़े खरीदने ग्राहकों की भीड़ जमा हो रही है। कोरोना के कारण इस साल विद्यालय बंद होने के कारण छोटे बच्चों के स्वेटर की मांग इस बार कम है, ऐसा व्यापार विक्रेताओं कहा।

गेहूं की खेती के लिए लाभ

दिसंबर माह में पड़ने वाली ठंड के कारण रबी की फसलों को फायदा होगा गेहूं के लिए फायदेमंद साबित होगी, इस तरह का अनुमान कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा लगाया जा रहा है।  ग्रामीण इलाकों में सुबह घने कोहरे के कारण किसानों ने फसलों पर बीमारी के फैलने की आशंका व्यक्त की गई है। ठंड की मात्रा बढ़ने के कारण सुबह व्यायाम करने के लिए बूढ़े और युवाओं की लोगों की भीड़ लग रही है।