जिला परिषद ने सेस निधि से 50 % भी नहीं किया खर्च

जलगांव. जिला परिषद में विकास कार्यों के लिए धन की कमी है. कोरोना के चलते सेस निधि से अभी 50 %निधि भी खर्च नहीं हुई है यह स्थिति सामने आयी है. कई काम अभी भी अधर में अटके हैं. इसके बावजूद सेंस निधि से 50 प्रतिशत निधि भी खर्च नहीं हो पाई है. कोरोना की दूसरी लहर की आशंका के डरसे अगर लॉकडाउन लगता है तो यह काम और विषय पीछे ही रह जाएगा. इसलिए सेस निधि के खर्चे के नियोजन तथा अन्य विकास कामों को लेकर जिला परिषद में अधिकारी और पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई.

जिला परिषद की अध्यक्षा रंजना पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला परिषद सदस्य मधुकर काटे, अमित देशमुख, पल्लवी सावकारे, विपक्षी सदस्य नानाभाऊ महाजन, रावसाहेब पाटिल और सीईओ डॉ. बी. एन. पाटिल, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश चौधरी, सामान्य प्रशासन विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर रणदिवे और सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे. रंजना पाटिल ने यहां बताया कि नासिक डिवीजन के कमिश्नर बुधवार 25 नवंबर को जिले के दौरे पर आ रहे हैं. इस समय उन्हें जिला परिषद में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की जायेगी. जिला परिषद में कई विभागों में कई पद रिक्त पड़े हैं. इस बात की ओर गंभीरता से ध्यान देकर यह पद तत्काल भरने का जोर आयुक्त पर दिया जाएगा.

कोरोना की दूसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है. यदि ऐसा होता है, तो एक और लॉकडाउन की संभावना है. इसलिए सेस फंड के 50 प्रतिशत से विकास कार्यों की योजना बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने पर बैठक में जोर दिया गया. जिला परिषद के पास वर्तमान में 28 करोड़ रुपये का उपकर कोष है. इसमें से 50 फीसदी यानी लगभग 15 करोड़ रुपये के विकास कामों का नियोजन बैठक में किया गया. इसके साथ ही सेस का पूरा निधि खर्च करने पर भी बैठक में चर्चा हुई. इस समय सदस्यों समेत अधिकारी भी मौजूद थे.