शिवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु बने डॉ. डी. टी. शिर्के आसीन

कोल्हापुर. शिवाजी विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलगुरु डॉ. डी. टी. शिर्के अपने पद पर आसीन हो गए हैं. उनका पदग्रहण समारोह हाल ही में विश्वविद्यालय में हुआ. प्रभारी कुलगुरु डॉ. नितिन करमलकर से उन्होंने पदभार स्वीकार किया.

महान हस्तियों का अभिवादन किया

पद स्वीकार करने के बाद डॉ. शिर्के ने विश्वविद्यालय के प्रांगण में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अभिवादन किया. साथ में कर्मवीर भाऊराव पाटिल, विश्वविद्यालय के प्रथम कुलगुरु डॉ. अप्पासाहब पवार, शिक्षा महर्षि बापू सालुंखे की प्रतिमाओं को नमन किया. डॉ. शिर्के के साथ उनकी पत्नी सुनीता, बेटी श्रद्धा भी उपस्थित थीं. डॉ. करममलकर ने डॉ. शिर्के का स्वागत किया. पदभार के पत्र का हस्तांतरण तथा ज्ञानदंड स्वीकारते हुए डॉ. शिर्के ने अपने पद को स्वीकार किया.

पदभार स्वीकार करने के बाद विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की शुभकामनाओं का स्वीकार किया. इस समय कुलसचिव डॉ. विलास नांदवडेकर, परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के प्रभारी संचालक जी. आर. पलसे, वित्त एवं लेखाधिकारी वी. टी. पाटिल, छात्र कल्याण संचालक डॉ. आर. वी. गुरव समेत प्रबंधन परिषद, विद्या परिषद एवं अधिसभा के सदस्य उपस्थित थे.

प्रभारी कुलसचिव डॉ. करमलकर की हुई विदाई

प्रभारी कुलगुरु डॉ. नितिन करमलकर को इस समय विदाई दी गई. पिछले कुछ समय से वे प्रभारी कुलगुरु के तौर पर कामकाज देख रहे थे. उन्होंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय के विकास के लिए काफी प्रयास किए. नवनियुक्त कुलगुरु डॉ. डी. टी. शिर्के ने डॉ. करमलकर के कार्य का सम्मान कर उनके कार्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया.