Sakal Maratha Kranti Morcha activists agitate in Dr. Tanmay Vora's hospital

    कोल्हापुर. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा मराठा आरक्षण (Supreme Court) रद्द किए जाने से विगत कुछ वर्षों में एमपीएससी परीक्षा में पास हुए मराठा समाज के छात्रों की नौकरियों के नियुक्तियों को रोका जाए इस मांग का ख़त सेव मेरिट सेव नेशन इस राज्यस्तरीय ऑर्गेनाइजेशन की ओर से महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को दिया गया है. कोल्हापुर (Kolhapur) में स्थित सुर्या हॉस्पिटल के डॉ. तन्मय वोरा इस ऑर्गेनाइजेशन के डायरेक्टर हैं. वेबसाइट पर सर्च करते हुए इस विषय में सीएम को दिया गया पत्र सकल मराठा समाज के कार्यकर्ताओं के हात लगा और इस बात से संतप्त हुए सकल मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ता आक्रमक हो उठे. मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों समेत सूर्या हॉस्पिटल पर जाकर भारी हंगामा  किया. जोरदार नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ करने का प्रयास भी किया गया. वहीँ, डॉ.वोरा इस पत्र को वापस लें और मराठा समाज की माफ़ी मांगे ऐसी मांग भी आंदोलनकारियों ने की. आखिरकार इस आक्रमक रवैये को देखते हुए डॉ. तन्मय वोरा ने सब के सामने आकर माफी भी मांगी.

    ज्ञात हो कि सेव मेरिट सेव नेशन नाम की नांदेड में रजिस्टर हुई यह संस्था है, जो राज्य स्तर पर काम करती है. इसी संस्था ने सीएम उद्धव ठाकरे को ख़त लिखा, जिसमें 2013 और 2014 में एमपीएससी परीक्षा पास होने वाले उम्मीदवारों को नौकरियों में न लिया जाए ऐसा उल्लेख है, जिस लेटर हेड पर पत्र टाइप किया गया है उस पर डाइरेक्टर तन्मय वोरा का भी नाम है. सेव मेरिट सेव नेशन इस संस्था ने मराठा आरक्षण न दिया जाए इस मांग को लेकर कोर्ट के साथ-साथ अन्य मार्ग से लड़ाई लड़नी शुरू की है. ऐसा आरोप करते हुए ऑर्गेनाइजेशन के लिए डॉ. तन्मय वोरा ने 20 लाख रुपए का डोनेशन भी दिया है ऐसा आंदोलनकारियों का कहना है. डॉ.वोरा कोल्हापुर में रहते जैसी राजर्षी शाहू महाराज की भूमि में रहकर मराठा समाज के खिलाफ काम करता होगा तो उसकी खैर नहीं, उसकी  वोरा साइकिल कंपनी, वोरा ट्रान्सपोर्ट कम्पनियों पर भी कोल्हापुर में मराठा समाज बहिष्कार करें. ऐसी अपील सकल मराठा मोर्चा के सचिन तोडकर ने की.

    वहीँ, दिलीप पाटिल ने कहा कि मराठा छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हमारा यह आंदोलन जारी है. साढ़े छह हजार युवाओं के नौकरियों का यक्ष प्रश्न निर्माण हुआ है और डॉ. वोरा जैसे लोग कोल्हापुर में रहकर मराठा आरक्षण के खिलाफ कम करने लगे तो उन्हें कैसे माफ़ किया जाए. डॉ.तन्मय वोरा हॉस्पिटल से नीचे आकर मीडियाकर्मियों के सामने सकल मराठा समाज से माफ़ी मांगे.

    उनकी इस घेमांग पर लक्ष्मीपुरी पुलिस थाने के थाना निरीक्षक अनिल गुजर के प्रयास से डॉ. तन्मय वोरा ने सबके सामने आकर सीएम को लिखे गए पत्र से अपना कोई ताल्लुक नहीं. मराठा समाज के कार्यकर्ता आक्रमक होकर हॉस्पिटल में आने पर ही इस बात का पता चला है. फिर भी अगर इस बात से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं दिल से माफ़ी मांगता हूं, ऐसा कहकर उन्होंने माफ़ी भी मांगी. लेकिन 20 लाख रुपये सेव मेरिट सेव नेशन ऑर्गेनाइजेशन को क्यों दिए इस बात पर आड़े हाथों लेते हुए आक्रमक आंदोलनकारियों ने हॉस्पिटल पर पथराव करने का प्रयास भी किया. फिर पुलिस द्वारा बल का प्रयोग कर आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया. हॉस्पिटल के इर्दगिर्द अब पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है.