…तो 10 अक्टूबर को ‘महाराष्ट्र बंद’ आंदोलन

कोल्हापुर. मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों में राज्य के विविध योजनाओं के सक्षमीकरण के लिए 1200 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है. साथ ही मराठा समाज और युवाओं को दिलासा देने के लिए आरक्षण स्थगिति उठाये जाने तक बाकी सहूलियतें कायम रखने का निर्णय लिया गया है, लेकिन मराठा आरक्षण मोर्चा के दौरान आंदोलनकारियों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लिए जाने की मांग के साथ ही राज्य सरकार के कैबिनेट के फैसलों का कार्यान्वयन 9 अक्टूबर तक न हुआ, तो 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र बंद की चेतावनी  बुधवार को कोल्हापुर में सम्पन्न हुई राज्यस्तरीय मराठा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में दी गई.

मराठा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में 15 प्रस्ताव मंजूर

इस वक्त सुरेश पाटिल ने कहा कि मराठा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में कुल 15 प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं. इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य राज्यकर्ताओं को भेजा जाएगा. इस पर चर्चा के लिए हमें बुलाने की आवश्यकता नहीं, लेकिन इन 15 प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएं. जब तक मराठा आरक्षण नहीं मिलता हमारा आंदोलन जारी रहेगा, ऐसा भी उन्होंने कहा.

आरक्षण स्थगित होने से मराठाओं में नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को स्थगिती दी. इस निर्णय के बाद राज्य में मराठा समाज के लोग नाराज हैं. मराठा समाज की ओर से राज्यभर में आंदोलन जारी हैं. कोल्हापुर में भी इसी विषय को लेकर बुधवार को राज्यस्तरीय मराठा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस हुई.

कॉन्फ्रेंस में पारित 15 प्रस्ताव

  1. मराठा आरक्षण की सुप्रीम कोर्ट  की अंतरिम स्थगिती खत्म करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.
  2.  मराठा समाज के युवाओं के चालू आर्थिक साल की फीस सरकार वापस दें.
  3. केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक दुर्बल घटकों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, उसका लाभ मराठा समाज को भी मिले.
  4. महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी मेगा नौकरभर्ती पर रोक लगाई जाए.
  5. सारथी संस्था को 1000 करोड़ का आर्थिक प्रावधान किया जाए
  6. अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल को भी 1000 करोड़ का प्रावधान किया जाए.
  7. राज्य के सभी जिलों के मराठा समाज के छात्र छात्राओं के लिए  होस्टल का निर्माण किया जाए.
  8. मराठा समाज के आंदोलनकारियों के मामलों को तत्काल पीछे लिया जाए.
  9. मराठा आरक्षण आंदोलन में बलिदान दे चुके परिवारों को आर्थिक सहायता और नौकरी दी जाए.
  10. राज्य में किसानों की कर्जमुक्ति और आत्महत्याग्रस्त किसानों के परिजनों का पुनर्वसन किया जाए.
  11. स्वामिनाथन आयोग का कार्यान्वयन किया जाए.
  12. अरबी सागर में शिवस्मारक का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए.
  13. राज्य के किसानों को हर प्रकार की कर्जमाफी दी जाए.
  14. कोपर्डी मामले के दोषियों को सजा मिले.
  15. राज्य में स्थित किलों का संवर्धन करने के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया जाए.

 2 अक्टूबर को धनगर समाज की कॉन्फ्रेंस

उधर, मराठा समाज के इस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के बाद आनेवाले  2 अक्टूबर को कोल्हापुर में धनगर समाज के राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है. मराठा समन्वय समिति के द्वारा कोल्हापुर में  महाराष्ट्रके 48 सांसद और मराठा समाज के 181 विधायकों के प्रतिकात्मक पुतले फूंकने की चेतावनी दी गई है.

इनकी रही उपस्थिति

बुधवार को संपन्न हुई इस मराठा राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में समन्वयक विजयसिंह महाडिक, पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति अध्यक्ष महेश जाधव, शिवसेना कोल्हापुर शहर अध्यक्ष रवि किरण इंगवले, संभाजी सेना अध्यक्ष सुधाकर माने, छत्रपति ताराराणी ब्रिगेड की वंदना मोरे, राजमाता जिजाऊ ब्रिगेड की सुनीता पाटिल, रेश्मा पाटिल, दिग्विजय मोहिते, संभाजी ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पाटिल, इतिहास संशोधक नामदेवराव जाधव के साथ राज्यभर से विविध संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे.