सावधान! होलिका दहन के वक्त बिल्कुल न करें ये काम, वरना कर्ज से रहेंगे परेशान

    हिंदू धर्म में रंगों के त्योहार ‘होली’ (Holi 2021) का विशेष महत्व है। आम तौर पर होली दो दिन का त्योहार होता है। होली के एक दिन पहले ‘होलिका दहन’ (Holika Dahan) और दूसरे दिन रंग वाली होली खेली जाती है, जो इस साल कल रविवार, यानी 28 मार्च को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिरण्यकश्यप (Holi Hiranyakashipu Story) की बहन होलिका को अग्नि में ना जलने का वरदान मिला था। अपने अहंकारी भाई के कहने पर होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि कुंड में बैठ गई। लेकिन, भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद की जान बच गई और होलिका उसी कुंड में जलकर भस्म हो गई।इसी कारण से होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का विशेष प्रतीक माना जाता है। 

    ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक , ‘होलिका-दहन’ के दिन कुछ काम करना अशुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन कुछ काम करने की मनाही होती है। आइए जानें उन अशुभ कार्यों के बारे में .. 

     * कहते हैं कि इस दिन किसी से भी पैसे उधार नहीं लेना चाहिए। ऐसे करने से घर में नेगेटिव एनर्जी आती है, और पूरे साल आर्थिक तंगी से जूझना पड़ सकता है।

    * माना जाता है कि, इस दिन दूध से बनी चीजों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। जैसे- दूध, दही, खीर आदि का सेवन करना  इस दिन वर्जित माना जाता है।

    * बुजुर्गों का मानना है कि इस दिन यानी, ‘होलिका-दहन’ के दिन बड़ों का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। विशेषकर माता का अपमान नहीं करना चाहिए इससे जीवन में दरिद्रता का सामना करना पड़ सकता है। हो सके तो इस दिन मां को उपहार देना चाहिए। ऐसा करने से भगवान श्री कृष्ण का विशेष आशीष मिलता है। यूं तो एक विशेष दिन पर ही क्यों, कभी भी गुरुजनों अथवा माता-पिता का अपमान कभी नही करना चाहिए। 

    * ‘होलिका-दहन’ के दिन आम की लकड़ी जलाना अशुभ माना जाता है। इसके अलावा, पीपल और वट वृक्ष की लकड़ी को भी जलाना अशुभ माना जाता है। दरअसल इन पेड़ों में इस समय नई कोपलें आने लगती हैं। ऐसे में इन्हें जलाना पर्यावरण के संरक्षण और वायुमंडल की शुद्धिकरण के कारण गलत है।

    * ‘होलिका-दहन’ में ऐसी लकड़ी की प्रयोग करना चाहिए, जिससे जीवन की नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाए। इसी लिए आप ‘होलिका-दहन में अरंड की लकड़ी और गूलर की सूखी लकड़ी जला सकते हैं।

     * ‘होलिका-दहन’ के दिन काले चने का सेवन करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं।

    इसके अलावा, किसी जरूरत मंद व्यक्ति को काले चने का दान कर सकते हैं। इससे जीवन के कष्ट दूर होंगे और उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

    ‘होलिका-दहन’ मुहूर्त

    रविवार 28 मार्च, होलिका दहन के लिए बेहद शुभ है। 28 मार्च को दिन में 1 बजकर 54 मिनट पर भद्रा नक्षत्र समाप्त हो जाएगा। ऐसे में प्रदोष काल में इस बार होलिका दहन किया जाना शुभ फलदायी रहेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06:20 से 08:41 तक रहेगा। इस वर्ष होलिका दहन के समय वृद्धि योग उपस्थित रहेगा। अपने नाम के अनुसार यह योग सभी शुभ कर्मों में वृद्धि और उन्नति प्रदान करने वाला रहेगा। ‘वृद्धि योग’ के साथ ‘होलिका-दहन’ के दिन कई और भी शुभ योग आशीष बरसाएंगे। 

     -सीमा कुमारी