कोरोना :स्मार्टफोन पर कितनी देर जिंदा रह सकता है यह वायरस, जानकर आप भी चौंक जाओगे

वर्तमान में स्मार्टफोन अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्मार्टफोन का उपयोग भी सावधानी से करने की जरुरत है। पुरे दिन में आपका स्मार्टफोन किस चीज

वर्तमान में स्मार्टफोन अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्मार्टफोन का उपयोग भी सावधानी से करने की जरुरत है। पुरे दिन में आपका स्मार्टफोन किस चीज के संपर्क में आता है यह पता भी नहीं होता। इसलिए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए खुद के साथ स्मार्टफोन का ध्यान रखना जरुरी है। दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे है कि, चेहरे को बार-बार हाथ न लगाए, हर घंटे में हैंडवाश करें। इसके साथ ही अब चेहरे के साथ स्मार्टफोन का संपर्क कई बार आता है। इसलिए इसका उपयोग सावधानी से करने की सलाह दी है।

स्मार्टफोन से कोरोना का संक्रमण होता है इसलिए यह वायरस स्मार्टफोन पर कितने समय तक बना रह सकता है ऐसा सवाल आपके भी मन में आया होगा। विश्व स्वास्थ्य संघठन के अनुसार (WHO) एक अध्ययन में पाया गया कि, 2003 में पहली बार सार्क-कोव्ही (SARS-CoV) यह वायरस कांच की सतह पर 96 घंटों तक यानि लगभग 4 दिन जीवित रह सकता है। साथ ही स्टेनलेस स्टील और प्लास्टिक पर यह वायरस 72 घंटों तक यानि तीन दिन सक्रीय रह सकता है। 

कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में है। इसके चलते अमेरिका के नॅशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस कहा कितने समय तक सक्रीय रह सकता है इसपर अध्ययन किया। इस अध्ययन में उन्होंने पाया कि, यह वायरस प्लास्टिक और स्टिल पर तीन दिनों तक जीवित रहता है। इसके आलावा तांबे की वस्तु पर चार दिन और कार्डबोर्ड पर 24 घंटों तक सक्रीय रह सकता है। 

अमेरिका में किये गए अध्ययन में कांच की सतह पर यह वायरस कितने समय तक रहता है इसके बारे में कुछ बताया नहीं है। फिर भी कोरोना वायरस का मूल वायरस सार्क कोव्ही के अध्ययन से वर्तमान का सार्क-कोव्ही 2 वायरस कांच पर चार दिनों तक सक्रीय रहता है। दुनिया में अधिकांश अधिकांश स्मार्टफोन कांच और प्लास्टिक के पैनल से बने हुए है। , कॉवो वायरस, कोवी -1, को स्मार्टफोन पर पिछले चार दिनों तक कहा जा सकता है। इस लिए यह वायरस स्मार्टफोन पर चार दिनों तक रह सकता है।