जानें क्या है लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन?

    नई दिल्लीः आकर्षण के नियम अनुसार जब हम पुरे अधिकार के साथ सकारात्मक बोलते हैं। तो वह सकारात्मक ऊर्जा आपको सकारात्मक प्रेरणा देती है। यह आपको ऐसे विकल्प देती हैं जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा और यह आपको आपके अंतिम लक्ष्य तक ले जाता है। पत्थर उसी पेड़ को मारा जाता है जहां रसीले मीठे फल लगे होते हैं। कांटे वाले पेड़ पर कोई पत्थर नहीं मारता है। इस तरह जो पेड़ मीठे तथा रसीले फल देता हैं वही पेड़ सबके आकर्षण का केंद्र बना रहता है। वे प्रकृति के नियम अनुसार अपना कार्य करते रहते हैं। मीठे फल देने वाले वृक्ष ही दूसरों को आकर्षित करते हैं। काँटों के पेढ पर कोई पत्थर नहीं फेकता और नहीं दुसरों का ध्यान अपनी और खींचता हैं।

    क्या है लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन

    लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन के बारे में कई लोगो ने लिखा है। उनके अनुभवों के आधार पर संक्षेप्त  मे उसे कहते हैं ” हम जैसा सोचते हैं वैसा ही होता हैं”। हमारे अपने बारे में जो अपने सपने और कल्पनाएं है , वे सच होती हैं। केवल विकल्पनाएँ स्पष्ट होनी चाहिए आप जो सोचते है वः इतना स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसा होने से पहले आप  उसे अनुभव करने में सक्षम हों।

    कैसे आकर्षण के नियम (Law of Attraction) को  रोजाना उपयोग में लाएं

    आकर्षण के नियम (Law of Attraction) के अनुसार आप अपने जीवन में पॉज़िटिव (positive) और निगेटिव (negative) चीज़ों को अपने विचारों और कर्मों से अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। यह इस सिद्धान्त पर आधारित है , कि सब कुछ ऊर्जा से निर्मित है, इसलिए जिस प्रकार की ऊर्जा आप बाहर छोड़ेंगे, वही आपके पास वापस लौटेगी। अगर आप ब्रह्मांड को अपनी इच्छाएँ बताने के लिए आकर्षण के नियमों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं, तब पॉज़िटिव माइंडसेट (mindset) का निर्माण करके शुरुआत करिए। उसके बाद अपने लक्ष्यों के लिए कर्म करिए और असफलताओं का सामना अच्छे एटीट्यूड (attitude) से करिए।

    •  पॉज़िटिव माइंडसेट बनाए
    •  आप अपने जीवन में क्या चाहते हैं उस पर फ़ोकस (focus) करिए, न कि उस पर, जो आपके पास नहीं है।
    •  अपने तनाव के स्तर को कम करने के लिए, प्रतिदिन कम से कममिनट मेडिटेशन करिए।
    • जो भी आपके पास है उसके लिए आभारी रहियें। 
    •  अपनी चिंताओं की जगह, ऐसे विचार मन में लाइये कि चीज़ें कैसे ठीक हो सकती हैं।