‘गर्भावस्था और शिशु हानि स्मरण दिवस’ : प्रेग्नेंसी में इन बातों से हो सकता है नुकसान

Pregnancy And Infant Loss Remembrance Day 2020: पूरी दुनिया में  ‘गर्भावस्था और शिशु हानि स्मरण दिवस’ की  स्थापना 15 अक्टूबर 2002 में  यानि आज के दिन संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में की गई थी। एक माँ और परिवार के लिए एक नवजात शिशु को खोना बहुत ही दुखद और दर्दनीय  होता हैं। गर्भपात, प्रसव, नवजात मृत्यु, और शिशु के नुकसान के अन्य कारणों के उद्देश्य से मनाया जाता हैं। इस दिन उन बच्चों को याद किया जाता है जो जन्म से पहले, नवजात मृत्यु और शिशु की मृत्यु के अन्य कारणों से दुनिया छोड़ चुके हैं। 

गर्भावस्था के दौरान रखे इन बातों का धयान 

 *पहले तीन महीने 

गभवर्ती (Pregnancy) महिला को सोने के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में गर्भवती पीठ के बल सो सकती है। दूसरी तिमाही में गर्भवती को पीठ के बल सोने से बचना चाहिए। तीसरे तिमाही मे पीठ के बल सोने पर गर्भाशय का पूरा भार पीठ जो शरीर के निचले हिस्से से रक्त को हृदय तक पहुंचाती है उस पर पड़ता है जिससे बहुत सी परेशानिया हो सकती है जैसे की पीठ दर्द, बवासीर, अपच, सांस में तकलीफ और रक्त परिसंचरण में कठिनाई। गर्भवती महिला के शरीर में रक्त वाहिकाओं में रक्त का प्रवाह कम होने पर बच्चे के शरीर के महत्वपूर्ण अंगो में रक्त का प्रवाह कम होने लगता है। इससे मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

*खानपान का ध्यान रखें

गर्भवती महिलाओं में सफर के दौरान जी मिचलाना और उल्टी आना आम शिकायत है। अगर आप हवाई जहाज से यात्रा कर रही हैं तो यात्रा के दौरान दिए जाने वाले ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर जरूर लें। यात्रा के  2 से 3 घंटे पहले कुछ खालें,  इससे भूख कम लगेगी। कोशिश करें कि पैकेज्‍ड फूड का सेवन अवॉइड करें।

*नींद पर ध्यान देना

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने साथ-साथ अपने होने वाले शिशु का भी ध्यान रखना होता है, इसलिए इस दौरान महिलाओं के लिए पर्याप्त आराम करना बेहद जरूरी है।इससे हमारा मतलब है कि गर्भवती महिलाओं को एक दिन में कम से कम 9-10 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए क्योंकि इससे गर्भावस्था के दौरान काफी फायदा मिलता है।