Mother's Day

    – सीमा कुमारी

    इस दुनिया में अगर सबसे खूबसूरत चीज की बात की जाए तो वो ‘मां’ शब्द है। यह कहने से दिल को जो सुकून मिलता है, वो किसी दूसरे शब्द में नहीं है। क्योंकि, एक मां का जीवन; त्याग प्रेम और देखभाल जैसी चीजों के बीच होता है। एक मां अपने बच्चों से बिना किसी शर्त के प्यार करती है। मां के इसी त्याग और बलिदान को याद करने के लिए हर साल मई महीने के दूसरे रविवार (Second Sunday of May Mother’s Day) को ‘मदर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है, जो इस साल 9 मई, यानी कल रविवार को है। इस दिन का अपना खास महत्व है। आइए जानें इस विशेष दिन- Mother’s Day के इतिहास से लेकर इसके बारे में:

    ‘मदर्स डे’ का इतिहास

    9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन (Woodrow Wilson, American President) ने एक लॉ पास किया था, जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को ‘मदर्स डे’ मनाया जाएगा। इसके बाद हर साल अमेरिका, भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को ‘मदर्स डे’ (Mother’s Day) मनाया जाने लगा।

    मदर्स डे मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका से हुई थी। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस (Anna Jarvis) अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन को उनके प्रति प्यार और उनकी श्रद्धांजलि में प्यार ज़ाहिर करने, यानी मनाने की शुरुआत की। इसके बाद धीरे-धीरे कई देशों में ‘मदर्स डे’ मनाया जाने लगा।

    ‘Mother’s Day’ का महत्व:

    ‘मदर्स डे’ मां के त्याग, बलिदान, करुणा, दया और निःस्वार्थ प्रेम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। कई लोग अपनी मां के प्रति प्यार जताने के लिए उन्हें गिफ्ट्स, कार्ड्स या कुछ ख़ास देते हैं।

    वैसे तो मां को प्यार करने और तोहफे देने के लिए किसी खास दिन की जरूरत कभी नहीं पड़ती, लेकिन फिर भी ‘मदर्स डे’ (Mother’s Day) के दिन मां को एक दिन पूरा समर्पित कर, और सम्मान दिया जाता है।