डायबिटिक महिलाएं ‘करवाचौथ व्रत’ रखने से पहले इन बातों का ज़रूर रखें ध्यान

    -सीमा कुमारी

    बड़ी संख्या में विवाहित महिलाएं करवाचौथ का व्रत करती हैं। लेकिन व्रत के दौरान कई महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल रखना बिल्कुल भूल ही जाती हैं। क्योंकि, इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय के साथ शुरू होता है और चांद देखने के बाद समाप्त होता है। इस व्रत में न तो कुछ खाया जाता है, और न ही पानी पीया जाता है। 

    ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं (Diabetic) को करवाचौथ का व्रत (Karwa Chauth) रखने से पहले कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता  है। ताकि, उनकी सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े। आइए जानें इसके बारे में –

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्रत रखने से पहले अपने डॉक्‍टर से अवश्य सलाह लें और एक बार अपना शुगर लेवल टेस्‍ट जरूर करा लें।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे अपनी सरगी के दौरान ऐसा भोजन ग्रहण करें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में हो। वे पॉपकॉर्न, आलू, दूध आदि का सेवन कर सकते हैं। इनके सेवन से दिनभर इंसुलिन का स्तर नियंत्रण में रहेगा। साथ ही भरपेट खाना खाएं ताकि दिनभर भूखे रहने पर ब्लड शुगर लेवल में गिरावट न आये।

    डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं व्रत रखने से पहले सरगी में ऐसी चीजों का सेवन करें जिसमें सभी तरह के पोषक तत्व मौजूद हों। ताकि इससे पूरे दिन आपको एनर्जी मिलते रहे।

    डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, व्रत खोलने के बाद खाएं ये चीजें- मिठाई और तले हुए आहार खाने की बजाय, प्रोटीन युक्त आहार खाने से आपको फायदा होगा। अपने आहार में सब्जियां, दही, साबुत अनाज, दाल के साथ चपाती या दाल-चावल शामिल करें। व्रत खोलने के तुरंत बाद ट्रांस फैट से भरपूर आहार खाने से बचना चाहिए।

    दिनभर भूखे रहने से डायबिटीज के मरीज को बेचैनी हो सकती है, क्योंकि उसे इस तरह से पूरे दिन भूखे रहने की आदत नहीं है। इसलिए स्वयं को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखें ताकि ध्यान उस बेचैनी पर केंद्रित न हो पाये। खाली बैठने से और भूख, बैचेनी के बारे में सोचने से यह समस्या बढ़ सकती है।