जानें कौन से ‘सुपरफूड्स’ कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं?

    -सीमा कुमारी

    कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसके कारण हर साल लाखो लोग अपनी जान गवां देते  हैं। वहीं ऐसे में इस बीमारी के प्रति देशभर को जागरूक करने के लिए हर साल 7 नवंबर को नेशनल कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day)  मनाया जाता है। इस गंभीर बीमारी के होने का प्रमुख कारण गलत खानपान है। लेकिन, डेली डाइट में कुछ हेल्दी चीजें शामिल करके इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। आइए जानें कुछ महत्वपूर्ण एंटी-कैंसर फूड्स के बारे में  

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हरी पत्तेदार सब्जियों (  Green leafy vegetables ) में सभी जरूरी तत्व, एंटी-ऑकसीडेंट व एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसके अलावा इनमें मौजूद सल्फोराफेन में एंटी कैंसर गुण होते हैं। ऐसे में रोजाना हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करके आप इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं।

    लहसुन ( Garlic ) विटामिन बी 6, सी, मैग्नेशियम, फाइबर, प्रोटीन, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यह आतों में कैंसर की कोशिकाएं बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा लहसुन का सेवन करने से पेट और ब्रेस्ट कैंसर के होने का खतरा भी कम होता है।ऐसे में इसका सेवंन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।

    रिसर्च के अनुसार, सभी नट्स कैंसर से बचाव करने के लिए फायदेमंद होते है, लेकिन वैज्ञानिकों ने अखरोट को अन्य नट्स की तुलना में ज्यादा फायदेमंद बताया है। अखरोट में पेडुनकुलगिन नामक पदार्थ होता है, जिसे शरीर चयापचय करके यूरोलिथिन बनाता है। यूरोलिथिन ऐसे यौगिक हैं जो एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स से बंधते हैं और ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में भूमिका निभा सकते हैं।

    फैटी फिश का सेवन करने से भी कैंसर होने का खतरा कई गुणा कम हो जाता है। सैल्मन, मैकेरल और एंकोवी सहित फैटी मछली में विटामिन बी, पोटैशियम, ओमेगा -3 फैटी एसिड आदि तत्व मौजूद होते हैं। रिचर्स अनुसार जो लोग मीठे पानी की मछली का अधिक सेवन करते हैं। उनमें कोलोरेक्टल कैंसर की चपेट में आने का खतरा करीब 53 प्रतिशत कम हो जाता है।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक ,ग्रीन- टी वजन घटाने के साथ कैंसर से बचाव भी करती है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-कैंसर आदि गुण होते हैं।रोजाना 1-2 कप ग्रीन टी का सेवन करने से लीवर, ब्रेस्ट, पैंक्रियाज, फेफड़े और स्किन कैंसर होने से बचाव रहता है।