जानें क्यों मनाया जाता अंतरराष्ट्रीय गतिमान जागरूकता दिवस, क्या है उद्देश्य

    नई दिल्ली : हर साल 25 सितंबर को पूरी दुनिया में ‘अंतरराष्ट्रीय गतिमान जागरूकता दिवस’ (International Ataxia Awareness Day) मनाया जाता है। यह दिन तंत्रिका तंत्र की बीमारी को समर्पित है। इस दिन पर इस बिमारी से पीड़ित व्यक्तियों और एटैक्सिया (Ataxia) संघटनों के समन्वयन से यह दिन मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है, एटैक्सिया इस दुर्लभ बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए ये दिन मनाया जाता है। 

    इस विशेष दिन पर दुनिया भर के विशेषज्ञ और स्वयंसेवक इस दुर्लभ बीमारी पर प्रकाश डालने का कार्य करते है। एटैक्सिया इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वर्तमान में सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते। आपको बता दें कि एटैक्सिया एक ऐसी बीमारी है जो सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। 

    शुरुआती उम्र में इस बीमारी के लक्षण अलग- अलग हो सकते है। यह बीमारी एक बेहद गंभीर बीमारी है और इस बीमारी के बारे में सभी लोगों को आवश्यक जानकारी देना बहुत जरूरी है। इस बीमारी की वजह से आपका जीवन कालावधी और भी छोटा होते हुए जाता है। गतिभंग हुए व्यक्तियों को आम तोर पर वॉकर की आवश्यकता होती है। 

    जानें क्या है गतिभंग 

    आपको आज इस विषय पर जानकारी दे रहे है। दरअसल एटैक्सिया तंत्रिका तंत्र एकपक्षीय बीमारी है। एटैक्सिया में कुछ लक्ष ऐसे होते है, जैसे व्यक्ति नशे की नकल कर रहा हो, साथ ही इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति में ठोकर लगना, अस्पष्ट भाषण, गिरना, असंयम यह सभी लक्षण होते है। यह लक्षण सेरिबैलम को नुकसान पहुंचने के कारण होता है।