जानिए क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी डे, पढ़ें इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

    नई दिल्ली : स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर करने में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई तरह की ऐसी बीमारियां है या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां है जो आज के दौर में फिजियोथेरेपी के जरिये ठीक हो रही है। वर्तमान समय में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) मेडिकल साइंस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

    कई तरह के बीमारियों को ठीक करने में फिजियोथेरेपिस्ट का अहम रोल है। फिजियोथेरेपी और फिजियोथेरेपिस्ट के इसी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इनके सम्मान में हर साल 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस (World Physical Therapy Day) मनाया जाता है। जानते है इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें…. 

    क्या है फिजियोथेरेपी ?

    फिजियोथेरेपी यह मेडिकल क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रणाली है। इस चिकित्सा प्रणाली के जरिये आमतौर पर लगी चोट, टिश्यू के दर्द या हड्डियों का दर्द कम किया जाता है। आपको बता दें कि मानवी स्वास्थ्य के लिए फिजियोथेरेपी बेहद कारगर साबित हो रही है। कई तरह की बीमारियां या चोट लगने के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं में सुधार लाने का काम फिजियोथेरेपी करती है। इससे मरीज को अपने दर्द से उभरने के लिए और शारीरिक तौर पर मजबूती मिलती है।   

    फिजियोथेरेपी का महत्व 

    विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस (World Physical Therapy Day) का उद्देश्य फिजिकल थेरेपी के बारे में लोगोंमेंए जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन फिजियोथेरपिस्टों द्वारा किये गए प्रयासों और उनके कार्य के लिए उनकी सराहना की जाती है। फिजियोथेरेपिस्ट, लोगों के पुराने दर्द या जटिल चोटों से होने वाली दिक्कतों से झुटकारा दिलाते है। साथ ही इस दिन का महत्व यह भी कि फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा किये गए कार्य को महत्व देना और उनका सम्मान करना भी है जो मरीजों के जीवन बदलने में अहम रोल निभाते है।