रिसर्च में दावा- पुरुषों की तुलना में महिलाओं को धूम्रपान छोड़ना ज्यादा कठिन

    धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, यह बात सब जानते है। चाहे वह धूम्रपान का सेवन करता हो या न करता हो। बड़े बड़े विज्ञापन में भी इसका जिक्र किया जाता है। लेकिन एक बार अगर धूम्रपान करने की लत लग जाए तो इसे इसे छोड़ना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। कई लोग ध्रूम्रपान छोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए सिगरेट की तलब उनकी इच्छाशक्ति पर इतनी हावी हो जाती है और वह इसे छोड़ नहीं पाते हैं।  वहीं जिन लोगों की इच्छाशक्ति मजबूत होती है वह इसे छोड़ने में कामयाब भी हो जाते हैं।

    बता दें कि, फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ बरगंडी के रिसर्चर्स द्वारा सिगरेट पीने वालों को लेकर हुई एक अध्ययन हुआ है, जिसमें कई दिलचस्प नतीजे सामने आए है। फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ बरगंडी (University of Burgundy) के रिसर्चर्स द्वारा की गई। इस अध्ययन में फ्रांस में 2001 से 2018 के बीच स्मोकिंग सेसेशन सर्विसेज जाने वाली महिलाओं और पुरुषों के लक्षण और परहेज या संयम की दरों की तुलना की गई। यह डाटा राष्ट्रव्यापी डाटाबेस सीडीटी-नेट से लिया गया।  यह स्टडी ईएसपी कांग्रेस 2021 में प्रस्तुत की गई है। 

    अध्ययन में पता चला है कि, सिगरेट पीने वालों में पुरुषों की तुलना में महिलाएं कम हैं। लेकिन इस लत को छोड़ना महिलाओं के लिए ज्यादा कठिन है। यह रिसर्च 37 हजार 949 लोगों पर किया गया। जिसमें महिलाओं की संख्या 16 हजार 492 थी यानी 43.5 प्रतिशत रही। जबकि पुरुषों की संख्या 21 हजार 457 थी, यानी 56.5 प्रतिशत। 

     महिलाओं में हाई कॉलेस्ट्रॉल अधिक 

    सर्वेक्षण में शामिल महिलाओं में हाई कॉलेस्ट्रॉल वाली महिलाओं की संख्या 30 प्रतिशत थी जबकि पुरुषों की 33 प्रतिशत थी। यानी हाई कॉलेस्ट्रॉल के मामले में पुरुष ज्यादा थे। वहीं हाई बीपी के मामले में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक थे। इनमें 26 प्रतिशत पुरुष हाई बीपी वाले थे जबकि महिलाएं 23 प्रतिशत थीं। डायबिटीज से ग्रसित पुरुष भी महिलाओं की तुलना में 3 प्रतिशत ज्यादा थे।

    महिलाओं में डिप्रेशन और बेचैनी अधिक 

    सर्वेक्षण में शामिल पुरुषों में  मोटापा 20 प्रतिशत वहीं  महिलाओं में 27 प्रतिशत देखा गया। डिप्रेशन और बेचैनी महिलाओं में 37.5 प्रतिशत देखी गई, जबकि पुरुषों में ये आंकड़ा 25.5 प्रतिशत रहा। अब बात औसत सिगरेट की खपत और निकोटिन पर निर्भरता की करें तो इस मामले में पुरुषों का प्रतिशत महिलाओं से ज्यादा रहा। स्टडी में महिलाओं में औसत सिगरेट खपत 23 रही जबकि पुरुषों में यह संख्या 27 रही।  वहीं सिगरेट पर महिलाओं की निर्भरता 56 रही जबकि पुरुषों में यह संख्या 60 रही।

    धूम्रपान छोड़ने में महिलाओं का दर कम  

    इस स्टडी की मेन राइटर और यूनिवर्सटी ऑफ बरगंडी से पीएचडी कर रहीं इंग्रिड अल्लागबे ने अपने शोध में पाया है कि धूम्रपान की आदत छुड़वाने वाली सेवाओं की मदद लेने वाली महिलाओं में मोटापा, अवसाद और बेचैनी जैसी विकृतियां पुरुषों की तुलना में ज्यादा थी और उनमें धूम्रपान छोड़ने की दर कम। धूम्रपान से लगातार 28 दिनों तक परहेज की सेल्फ रिपोर्टिंग की पुष्टि कार्बन मोनोऑक्साइड 10 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) की माप से की गई।  उन्होंने कहा, हमारे अध्ययन का निष्कर्ष है कि कम सिगरेट पीने और निकोटिन डिपेंडेंट पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम होने के बावजूद महिलाओं के लिए सिगरेट छोड़ना ज्यादा कठिन रहा।