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सीमा कुमारी

नवभारत डिजिटल टीम: किसी भी इंसान की जिंदगी की सफलता (Success) और असफलता (Failure) उसके नजरिए और मेहनत पर निर्भर होती है। कई लोग जीवन में कड़ी मेहनत से बिलकुल नहीं डरते हैं लेकिन वहीं, कुछ लोग जीवन में थोड़ी मुश्किल आने पर भी घुटने टेक देते हैं। जीवन में सफल होना तो जरूरी है लेकिन कहां सफल होना है, क्यों होना है और कब तक होना है यह सब खुद आप पर निर्भर करता है क्योंकि सफलता और असफलता के बीच बस एक शब्द का अंतर है ‘अ’।

लेकिन यही एक शब्द ‘अ’ ही अ से ज्ञ तक के ज्ञान, समझ, व्यवहार कुशलता, हार न मानना, गिर-गिर कर उठना, कमजोर न पड़ना, कड़ी मेहनत और मशक्कत करना, बिना डरे बढ़ते जाना, मंजिल मिलने तक रुकना नहीं जैसी बातों को सिखाता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी भी लक्ष्य के बारे में सोचने से लेकर उसे बनाने और फिर उसके लिए स्किल डेवलप करने से लेकर कॉम्पीटिशन में जोरदार प्रदर्शन करने और फिर सफलता का शॉट लगाने तक का सफर यूं ही नहीं मिलता। इसके लिए कई बार असफलता का मुंह तो देखना ही पड़ता है।

देखा जाए तो असफलता ही सफलता की वो पहली सीढ़ी है जिस पर चलकर कोई भी इंसान नया इतिहास लिख सकता है। ऐसे में हमारी असफलता के कुछ बिन्दुओं का उद्घाटन और उनमें पर्याप्त बदलाव ही सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

असफलता के प्रमुख पांच कारण

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जीवन में वही व्यक्ति दिशाहीन है जिसने अपने जीवन का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। सबसे पहले खुद के स्किल पावर को समझें और फिर अपना लक्ष्य बनाएं और अपनी बनाई दिशा में आगे बढ़े। वरना आप असफल रहेंगे।

असफलता का दूसरा कारण है, “अजी साहब मैं फला काम कैसे कर सकता हूं लोग क्या कहेंगे!” मसलन मैंने एमबीए किया है और कपड़े का बिजनेस शुरू करें तो इस बात का डर की देखो सीए साहब की कमाई को बेटा उड़ा रहा है। ऐसे में आपको किसी इंश्योरेंस कंपनी से बुलावा आए तो आपकी सोच कि मैं तो बड़ा चूजी हूं इतने लोग कैसे बनाऊंगा। किसी भी काम को करने के लिए लोगों से जुड़ना जरूरी है लेकिन आप ऐसा करने से डरते हैं।

किसी भी विषय पर भले ही आपको पूरी जानकारी है फिर भी आपको सामने वाले के बोलते वक्त उसे सुनना चाहिए और फिर सोच समझकर ही जवाब देना चाहिए। कारण आपका समुचित ज्ञान सम्पूर्ण ज्ञान तो नहीं है। इसके अलावा, शिष्टाचार ही विनम्रता लाता है, जहां यह नहीं वहां विनम्रता नहीं। शिष्टाचार विहीन व्यक्ति पूंछ के बिना पशु के समान है। असफलता का ये भी मुख्य कारण है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि, किसी भी काम को करते समय खुद में ही कॉन्फिडेंस न होना कि ये काम जरूर सफल होगा। दूसरी तरफ, अपने काम की संपूर्ण जानकारी का अभाव असफलता का कारण है।