Geeta Jayanti 2022

    – सीमा कुमारी

    इस साल ‘गीता जयंती’ (Geeta Jayanti) आज यानी 3 दिसंबर, शनिवार को है। सनातन धर्म में गीता जयंती (Geeta Jayanti) का विशेष महत्व हैं। क्योंकि, इस दिन मोक्षदा एकादशी होती हैं। सनातन धर्म में इस दिन को महत्वपूर्ण माना गया है।

    ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, ‘गीता जयंती’ के दिन कुछ विशेष उपायों को करने से मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आइए जानें उन उपायों को।

    ज्योतिष- शास्त्र के मुताबिक, गीता जयंती के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना शुभ होता    हैं। वहीं खीर में तुलसी पत्ता डालकर श्रीकृष्ण को भोग लगाएं। इससे मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    कहते हैं, इस दिन पूजा में ‘ऊं क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि परमात्मने प्रणतः क्लेश्नाशय गोविदाय नमो नमः’ मंत्र का जाप करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, गीता जयंती के दिन ‘मोक्षदा एकादशी व्रत’ रखने के साथ-साथ, शंख पूजन करना भी बेहद लाभकारी होता हैं। माना जाता है कि, पूजन के उपरांत शंख की ध्वनि से निकलने वाली ऊर्जा बुरी शक्तियों का नाश कर, माता लक्ष्मी का आगमन करने में मदद करती है। इसके अलावा ऐसा करने से भगवान विष्णु भी प्रसन्न होकर कृपा दृष्टि बनाए रखते  हैं।

    मान्यता है कि, अगर परिवार में कलह, क्लेश या झगड़े होते हैं, तो ऐसे में विशेष रूप से गीता जयंती के दिन गीता के प्रमुख अध्याय का का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

    गीता जयंती के दिन सुबह स्नानादि करने के बाद पूजा करें और पूजा में ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे जीवन में खुशियां आती है और रोग-दोष दूर होते हैं। साथ ही इससे मां लक्ष्मी की असीम कृपा भक्तों पर भी सदैव बनी रहती है।