Vinayak Chaturthi 2024, धर्म, लाइफस्टाइल समाचार
विनायक चतुर्थी 2024 (डिजाइन फोटो)

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सीमा कुमारी 

नवभारत डिजिटल टीम: बुद्धि और बल के देवता ‘भगवान गणेश’ को समर्पित ‘विनायक चतुर्थी’ (Vinayak Chaturthi 2024) हिंदू धर्म का एक प्रसिद्ध त्योहार है। हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश जी की पूजा-व्रत करने का विधान है। इस साल फरवरी महीने की ‘विनायक चतुर्थी’ (Vinayak Chaturthi 2024) 13 फरवरी 2024, मंगलवार को रखा जाएगा। यह दिन मुख्यतः भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा-व्रत करने से साधक को सभी दुखों से छुटकारा मिलता है। आइए जानें माघ माह की विनायक चतुर्थी की डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

दिनांक और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 12 फरवरी को शाम 5 बजकर 44 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट पर तिथि का समापन होगा। माघ माह में 13 फरवरी को विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा।

पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति को एक चौकी पर स्थापित करें।

बप्पा को सिंदूर का तिलक लगाएं। भगवान गणेश को दूर्वा, पीले फूल चढ़ाएं।

गणेश जी के सामने देसी घी का दीपक जलाएं।

बप्पा को भोग के रूप में मोदक और बूंदी के लड्डू चढ़ाएं। विनायक कथा का पाठ करें। साथ ही भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।

पूजा संपन्न करने के बाद श्रद्धापूर्वक आरती करें। चंद्रमा को जल चढ़ाएं और पूजा करें। इसके बाद अपना व्रत खोलें। अपना व्रत सात्विक भोजन से खोलें।

विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व रखती है। चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर कर उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

अगर आपके जीवन में भी कई तरह की परेशानियां चल रही हैं और आपको किसी भी तरह का समाधान नहीं मिल रहा है, तो भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से सांसारिक सुख की प्राप्ति होती है और परिवार में खुशियां बनी रहती है।