अजीबोगरीब : एक अनोखा मंदिर, जहां चप्पलों की माला चढ़ाने से पूर्ण होती है मन्नतें, जानें इस मंदिर से जुड़ी चमत्कारिक बातें

    नई दिल्ली : हमारा देश धार्मिक मान्यताओं का धनी है। यहा के मंदिर को बेहद पवित्र माना जाता हैं। हम जब भी मंदिर जाते है तो ऐसे धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए बेहद सजगता के साथ हरकत करते हैं इसलिए हम जूते चप्पलों को मंदिर के बाहर ही उतारते है। चाहे हमारे जूते चप्पल कितने महंगे क्यों न हों मंदिर में उसकी कोई जगह नहीं होती। लेकिन आज हम जिस मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे है उसे सुन कर आप हैरान रह जाएंगे। 

    हम जिस मंदिर की हम बात कर रहे है। वहा भगवान को प्रसन्न करने के लिए लोग चप्पलों की माला लेकर जाते है और अपनी मन्नत मांगते है। यह मंदिर कर्नाटक के गुलबर्गा जिले में स्थित है। जिसका नाम लकम्मा देवी मंदिर (Lakkamma Devi Temple) है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यहां हर साल फुटवियर फेस्टिवल होता है। इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहा चप्पलों की माला लेकर आते हैं। आज हम इस मंदिर से जुड़े कुछ खास बातें आपको बताने जा रहे है। 

    दिवाली के छह दिन बात होता है फुटवियर फेस्टिवल

    फुटवियर फेस्टिवल का आयोजन हर साल दिवाली के छठे दिन किया जाता है। लोग इस फेस्टिवल का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। इस दिन लोग यहां चप्पलों की माला लेकर आते हैं और माता के समक्ष अपनी मनोकामना रखते हैं। इसके बाद चप्पलों की माला को एक पेड़ पर टांग कर वहां से चले जाते हैं। 

    क्या है मान्यता

    हर एक धार्मिक स्थलों की अपनी एक खासियत होती है। कुछ मान्यता होती है। लकम्मा देवी के भक्तों का मानना है कि चप्पल की माला चढ़ाने वालों की माता रानी सभी मुराद पूरी करती हैं। उनकी चढ़ाई चप्पलों को मातारानी रात में पहनकर घूमती हैं और बुरी शक्तियों से उनकी रक्षा करती हैं। ये भी माना जाता है कि यहां चप्पल चढ़ाने से पैरों और घुटनों का दर्द हमेशा के लिए दूर हो जाता है। 

    बैलों की बलि रोक कर फुटवियर फेस्टिवल का आयोजन 

    बताया जाता है कि इस मंदिर में कभी बैलों की बलि माता रानी के समक्ष दी जाती थी। लेकिन जानवरों की बलि को रोकने के बाद इस फुटवियर फेस्टिवल की शुरुआत कर दी गई। फुटवियर फेस्टिवल के दिन माता के भक्त यहां आकर मां को अपनी श्रद्धा अनुसार शाकाहारी और मांसाहारी भोजन का भोग भी लगाते हैं।