भाद्रपद महीने में ‘शनि प्रदोष व्रत’ ? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और इसकी महिमा

    सीमा कुमारी

    नई दिल्ली : ‘प्रदोष व्रत’ देवों के देव ‘महादेव जी’ को समर्पित है। ऐसे में यह व्रत हिन्दू भक्तों के लिए ख़ास महत्व रखता है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता  है। भादों महीने की दूसरी ‘प्रदोष व्रत’ इस साल 18 सितंबर शनिवार को है | ऐसे में यह शनि प्रदोष व्रत है। वैसे कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत भी शनिवार को ही था। शनि प्रदोष व्रत के दिन संध्या मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा की जाती है। विशेषकर वंश वृद्धि की इच्छा पूर्ति के लिए ‘शनि प्रदोष व्रत’ करना बहुत शुभ माना जाता है। आइए जानें भादों महीने के दूसरे प्रदोष व्रत का शुभ- मुहूर्त, पूजा विधि और इसकी महिमा –

    शुभ मुहूर्त

    शनि शुक्ल प्रदोष व्रत: 18 सिंतबर शनिवार को

    त्रयोदशी तिथि आरंभ: 18 सितंबर को सुबह 06 बजकर 54 मिनट से

    त्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 सितंबर को सुबह 05 बजकर 59 मिनट तक

    प्रदोष पूजा मुहूर्त:

    18 सितंबर शाम 06 बजकर 23 मिनट से 08 बजकर 44 मिनट तक

    पूजा-विधि

    ‘प्रदोष व्रत’ में प्रातःकाल पूजा तो की ही जाती है।  इसके अलावा, शाम के समय पूजन करने का भी विशेष विधान है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके निवृत्त हो जाएं।और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 

    अब मंदिर की साफ-सफाई करें और धूप दीप प्रज्वलित करें।

    शाम को प्रदोष काल के समय पुनः स्नानदि करके पूजन आरंभ करें।

    भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें और पुष्प, अक्षत, धूप, दक्षिणा और नैवेद्य आदि अर्पित करें। 

    इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु चावल की खीर का भोग लगाना चाहिए। सुहागन स्त्रियों को मां पार्वती को सुहाग का सामान और लाल चुनरी अर्पित करनी चाहिए।

    वहीं पर बैठकर आप शिव मंत्रों का जाप या ‘शिव चालीसा’ का पाठ भी कर सकते हैं। इसके पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारें। पूजन पूर्ण होने के बाद फलाहार करें।

    शनि प्रदोष व्रत का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  ‘शनि प्रदोष व्रत’ संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। जिन लोगों के कोई बच्चे नहीं होते या वंश बढ़ाने के लिए ज्योतिषाचार्य शनि प्रदोष व्रत रखने को कहते हैं। प्रदोष व्रत से व्यक्ति को शिवजी की कृपा से सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।