इस दिन है ‘जितिया व्रत’, इन बातों का ज़रूर रखें ख्याल, तभी पूरी होंगी मनोकामनाएं

    सीमा कुमारी

    नई दिल्ली : आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘जितिया व्रत’ (Jitiya Vrat) रखा जाता है। यह व्रत छठ व्रत की तरह तीन दिन तक चलता है। इसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस साल यह व्रत 28 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। इस व्रत को  ‘जिउतिया’, ‘जितिया’, ‘जीवित्पुत्रिका’, ‘जीमूतवाहन-व्रत’ भी कहा जाता है।

    माताएं ‘जीवित्पुत्रिका-व्रत’ संतान प्राप्ति एवं उनके स्वस्थ जीवन एवं लंबी आयु के लिए रखती है। हर साल ‘जितिया व्रत’ की शुरुआत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से होकर नवमी तिथि तक होती है। प्रथम दिन यानी अष्टमी तिथि को नहाय खाए होगा। उसके बाद 29 सितंबर को व्रत रखा जाएगा। आइए जानें इस व्रत के बारे में विस्तार से –

    जितिया-व्रत की तारीख

     ‘जितिया व्रत’ की शुरुआत नहाय खाए से होती है। इस साल 28 सितंबर को नहाए खाए होगा। 29 सितंबर को निर्जला व्रत रखा जाएगा और 30 सितंबर को व्रत का पारण किया जाएगा।

    इन बातों का रखें विशेष ध्यान

     इस व्रत को रखने से पहले नोनी का साग खाने की भी एक विशेष परंपरा है। कहते हैं कि नोनी के साग में कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में होता है। जिसके कारण व्रती के शरीर को पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है।इस व्रत के पारण के बाद महिलाएं जितिया का लाल रंग का धागा गले में पहनती हैं। व्रती महिलाएं जितिया का लॉकेट भी धारण करती हैं।पूजा के दौरान सरसों का तेल और खल चढ़ाया जाता है। व्रत पारण के बाद यह तेल बच्चों के सिर पर आशीर्वाद के तौर पर लगाते हैं।

    शुभ-मुहूर्त

     जितिया व्रत – 29 सितंबर 2021

    अष्टमी तिथि प्रारंभ- 28 सितंबर को शाम 06:16 मिनट से

    अष्टमी तिथि समाप्त- 29 सितंबर की रात 8: 29 मिनट तक