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    -सीमा कुमारी

    सुहागिन महिलाओं का पावन त्योहार ‘करवा चौथ’ (Karwa Chauth) इस साल 24 अक्टूबर को है। यह त्योहार हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं यह व्रत पति की लंबी आयु एवं अच्छी सेहत की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं और शाम को पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत का पारण, यानी व्रत तोड़ती हैं।

    इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना भी की जाती है। सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्यवती होने की कामना करती हैं।आइए जानें करवा चौथ’ का शुभ मुहर्त, पूजा विधि और इसकी महिमा –

    शुभ मुहूर्त

    24 अक्टूबर 2021, रविवार को सुबह 03 बजकर 01 मिनट से चतुर्थी तिथि शुरू होगी, जो कि 25 अक्टूबर 2021 को सुबह 05 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। इस दौरान करवा चौथ का शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 43 मिनट से 06 बजकर 59 मिनट तक रहेगी।

    पूजा-विधि

    • मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। फिर स्वच्छ कपड़े पहनें। और गंगाजल डालकर पूजा स्थल को साफ और पवित्र कर लें। फिर ज्योत जलाएं।
    • देवी-देवताओं की पूजा- अर्चना करें। निर्जला व्रत का संकल्प लें।
    • इस पावन दिन शिव परिवार की पूजा-अर्चना की जाती है। माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है।
    • चंद्र दर्शन के बाद पति को छलनी से देखें।
    • इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तोड़ा जाता है।

    करवा चौथ पर बन रहा शुभ संयोग

    इस साल करवा चौथ पर विशेष संयोग बन रहा है। करवा चौथ का चांद रोहिणी नक्षत्र में निकलेगा। मान्यता है कि इस नक्षत्र में व्रत रखना शुभ होता है। 24 अक्टूबर को रात 08 बजकर 07 मिनट पर चंद्र दर्शन हो सकते हैं। इसके बाद व्रती महिलाएं व्रत खोलेंगी।