भारत की वो जगहें जहां पर्यटकों को जाने की है मनाई, जानें इससे जुड़ी रहस्य्मयी बातें

    नई दिल्ली : भारत में ऐसे कई जगहें है जो हमारे संस्कृति और सभ्यता का दर्शन कराते है। पूरी दुनिया में भारत संस्कृति, सभ्यता, अतिथि देवो भव इस तीन बातों की वजह से जाना जाता है। भारत में ऐसी कई जगह है जो हमारे देश की खासियत कहलाती है और इसे दुनिया के बाकी देशों से बिलकुल जुदा करती है। 

    फिर चाहे प्राकृतिक सुंदरता हो या कोई आस्था का केंद्र हों, भारत में ऐसे कई पर्यटन स्थल है जिसे देखने के लिए पूरी दुनिया के पर्यटक यहां आते है। लेकिन आज हम भारत के कुछ ऐसे जगहों के बारे में बताने जा रहे है जहां पर्यटकों को जाने की सख्त मनाई है। आइए जानते है वो जगहें और इसके पीछे की वजह….. 

    1. पैंगोंग झील 

    पैंगोंग झील यह भारत और तिब्बत की सीमाओं के मध्य में है। आपको बता दें कि इस झील पर पर्यटकों को जाने की मनाई है। अगर विशेष स्थिति में पर्यटकों को यहां जाना है, तो सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। विशेषज्ञों की मानें तो ये झील चीन और भारत को बाटंती है। झील का 50 फीसदी हिस्सा भारत के कब्जे में है, लेकिन इसके सीमा को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसलिए यहां पर्यटकों को जाने की मनाई है। सनातन धर्म के गुरुओं के अनुसार इस झील के आसपास कुबेर नगरी है। 

    2. लक्षद्वीप के द्वीप

    आपको बता दें कि लक्षद्वीप में 36 आइलैंड है। इनमे से कुछ ही द्वीप ऐसे है जहां पर्यटकों को जाने की अनुमति है। साथ ही कई द्वीप ऐसे है जहां सुरक्षा  के कारणों की वजह से जाने की मनाई है। वही कही द्वीप ऐसे भी है जहां पर्यटकों की पहुंच से दूर है। इनमें से पर्यटक, बंगारम द्वीप, कवरत्ती, अगत्ती इन द्वीपों पर जा सकते है। 

    3. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर 

    यह भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई में स्थित है। आपको बता दें कि पर्यटकों को वहां जाने की मनाई है। विशेषज्ञों की मानें तो यहां के सुरक्षा कारणों के चलते पर्यटकों को जाने की मनाई है। इस जगह पर भारत का परमाणु रिसर्च सेंटर है। हालांकि रिसर्चर और छात्रों को भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर जानें की अनुमति है।  

    4. बैरन द्वीप 

    बैरन द्वीप यह भारत का इकलौता द्वीप है, जहां ज्वालामुखी स्थिति है। यह द्वीप अंडमान सागर में स्थित है। आपको बता दें कि पर्यटक दूर से ही बैरन द्वीप देख सकते है। ज्वालामुखी के कारण बैरन द्वीप पर जाने की मनाई है। इंसानों की यहां आवाजाही नहीं है, इस वजह से द्वीप को बैरन द्वीप कहा जाता है।