क्यों मनाया जाता है “विश्व पर्यटन दिवस” जानें इतिहास, महत्व और थीम

    नई दिल्ली : हर साल पुरे विश्व में 27 सितंबर को “विश्व पर्यटन दिवस” (World Tourism Day) मनाया जाता है। भला इस दुनिया में घूमना-फिरना किसे पसंद नहीं है। दुनिया का हर इंसान चाहता है कि वो घूमने जाएं। नई-नई जगह जाकर वहां की खूबसूरती को अपनी आंखों में कैद करें, वहां की संस्कृति के बारे में जानना लोगों को बेहद पसंद आता है।

    लेकिन आज कल की भागती दौड़ती ज़िंदगी में लोगो के पास समय की बेहद कमी हो गई है, जिसकी वजह से लोग अब ज़्यादा घूमने नहीं जा पाते। टूरिज्म हर दुनिया के हर एक देश के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए WTO की ओर से हर साल विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) मनाया जाता है। ताकि लोगों को पर्यटन संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दे सकें कि यह कितना आवश्यक है।  

    जानें पर्यटन क्या है 

    लोगों के जिंदगी में चार चांद लगाने का काम पर्यटन करता है। भागदौड़ भरे जीवन में ख़ुशी का लम्हा जीने का अवसर पर्यटन हमें देता है। पर्यटन एक ऐसी सुखद यात्रा है जो आपके फुर्सत के लम्हों का एक सुखद व मनोरंजन से भरा हुआ अनुभव देता है। पर्यटन मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है क्योंकि मनुष्य किसी एक स्थान पर रहते-रहते ऊबने लगता है, उसे कहीं नई जगहों, क्षेत्रों, देशों में घूमना व नई चीजों को देखना देखने का मन करता है। नए क्षेत्रों पर भ्रमण कर मनुष्य अच्छा अनुभव करता है। 

    विश्व पर्यटन दिवस का उद्देश्य, महत्व 

    विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का मुख्य एक मुख्य उद्देश्य है। इस उद्देश्य के तहत, विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रूप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में,उनका विकास करने में तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता करता है।

    भारत में न केवल गोवा, केरल, राजस्थान, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में ही पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, बल्कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पर्यटन को भी अच्छा लाभ पहुँचा है। हिमाचल प्रदेश में पिछले वर्ष 6.5 मिलियन पर्यटक गए थे। यह आंकड़ा राज्य की कुल आबादी के लगभग बराबर बैठता है। इन पर्यटकों में से 2.04 लाख पर्यटक विदेशी थे। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो प्रदेश ने अपेक्षा से कहीं अधिक सफल प्रदर्शन किया है। 

    विश्व पर्यटन दिवस की थीम 

    हर साल यह खास दिन एक विषय यानि थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल विश्व पर्यटन दिवस 2021 की थीम “समावेशी विकास के लिए पर्यटन” “(Tourism For Inclusive Growth)” है।

    विश्व पर्यटन दिवस का इतिहास 

    आपको बता दें कि इस दिन का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा की गई थी। इस तारीख के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि  इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। इन विधियों को अपनाना वैश्विक पर्यटन में एक मील का पत्थर माना जाता है। 

    इस्तांबुल टर्की में अक्टूबर 1997 को बारहवीं UNWTO महासभा ने यह फैसला लिया कि प्रत्येक वर्ष संगठन के किसी एक देश को हम विश्व पर्यटन दिवस मनाने के लिए सहयोगी रख सकते हैं। इसी परिकल्पना में विश्व पर्यटन दिवस वर्ष 2006 में यूरोप में 2007 में साउथ एशिया में 2008 में अमेरिका में 2009 में अफ्रीका में तथा 2011 में मध्य पूर्व क्षेत्र यह देशों में मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है।