‘ऐसा’ दीया भूल कर भी न जलाएं, इन बातों का रखें ख्याल, बढ़ता रहेगा धन-धान्य का भंडार

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सीमा कुमारी

नवभारत डिजिटल टीम: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ (Puja) का बहुत अधिक महत्व है। कहा जाता है नियमित रूप से पूजा-पाठ करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, लेकिन भगवान की पूजा अर्चना को लेकर कई सारे नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक होता है देवी-देवताओं की आरती करना।

हर धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने पर संबंधित देवी-देवता की आरती जरूर की जाती है। ऐसा माना जाता है कि यदि आरती न की जाए तो पूजन अधूरा रहता है। हिंदू धर्म में इष्ट देव को प्रसन्न करने के लिए पूजन के अंत में आरती गाकर उनकी स्तुति की जाती है। आरती करने के लिए दीपक जलाया जाता है। माना जाता है कि इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। यदि आप भी पूजा के दौरान दिया जला कर आरती करते हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि दीपक या दीया जलाते समय कुछ चीजों का ध्यान न रखा जाए तो घर से सुख व शांति जा सकती है। तो आइए जानें दीपक जलाते समय कौन सी चीजें भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

 घर के मंदिर में भगवान के सामने आप दो तरह के दीपक जला सकती हैं। यदि आप भगवान के दाहिने हाथ की तरफ हैं तो घी का दीपक जलाएं और भगवान के बाएं हाथ की तरफ हैं तो तेल का दीपक जलाना शुभ है। लेकिन शास्त्रों की मानें तो घर के मंदिर में घी के दीये जलाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

शास्त्रों के अनुसार, पूजा के दौरान देवी-देवताओं के समक्ष कभी भी खंडित दीया भूलकर भी न जलाएं, क्योंकि धार्मिक कामों में खंडित दीया अशुभ माना जाता है।

जब भी दीपक जलाएं तो पानी के बर्तन के पास घी का दीपक जलाकर जरूर रखें। इससे आपके घर में धन की वृद्धि होती है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं।

कहा जाता है कि शाम के वक्त घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक को जमीन पर न रखकर चावल या दूसरी चीज के ऊपर रखनी चाहिए। साथ ही दीपक जलाने के तुरंत बाद बुझ न जाए, इसलिए इसे हवा से बचाकर जलाएं।

ज्योतिषियों के मुताबिक, कभी भी एक दीपक से दूसरे दीपक को नहीं जलाना चाहिए। दीपक को हमेशा अलग-अलग करके ही जलाएं। साथ ही दीपक रखने की सही दिशा पूरब मानी जाती है। मान्यता के अनुसार, पश्चिम दिशा में दीपक रखने से फिजूल खर्च बढ़ता है, जबकि पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपक जलाया जाता है।