पितृपक्ष में ‘इन’ सब्जियों से करें परहेज़, इस दौरान ‘यह’ दाल भी न खाएं, जानिए और महत्त्वपूर्ण बातें

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सीमा कुमारी

नवभारत डिजिटल टीम: सनातन धर्म में ‘पितृ पक्ष’ (Pitru Paksha) का माह पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए बहुत शुभ समय माना जाता हैं। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा से आश्विन शुक्ल पक्ष की अमावस्या तक की अवधि को ‘पितृ पक्ष’ (Pitru Paksha) कहा जाता हैं। इस साल ‘पितृ पक्ष’ (Pitru Paksha 2023) आज से यानी 29 सितंबर, शुक्रवार से शुरू से हो हुआ है, 14 अक्टूबर तक चलेगी। शास्त्रों के अनुसार, ये 15 दिन पितर देवता को समर्पित होते हैं। इस दिन मृत पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति और शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध-कर्म किए जाते हैं।

धार्मिक मान्यता के मुताबिक, पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए और उन्हें प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार के उपाय किए जाते हैं। पितृ पक्ष में कुछ नियम भी बताए गए हैं, जिसका पालन करने से पितृ जल्द प्रसन्न होते हैं। पितृपक्ष में खास कर खाने-पीने जैसी चीजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आइए जानें उन चीजों के बारे में-

ज्योतिषियों के अनुसार, पितृपक्ष में लहसुन-प्याज का सेवन करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि, लहसुन-प्याज को तामसिक भोजन की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में पितृपक्ष की अवधि में चाहकर भी लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, पितृ पक्ष में मांसाहारी भोजन और मदिरापान से भी बचना चाहिए।

पितृपक्ष में चने की दाल, चने का सत्तू, चने की मिठाई, चने से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करना वर्जित बताया गया है। चने के साथ-साथ पितृपक्ष में मसूर की दाल भी नहीं खानी चाहिए। इस दौरान किसी भी चीज को कच्चा नहीं खाना चाहिए। इस समय पके भोजन का ही सेवन करना चाहिए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में आलू, मूली, अरबी और कंद वाली सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि, इन सब्जियों को श्राद्ध ना तो पकाना चाहिए और ना ही ब्राह्मणों को इन चीजों का सेवन करवाना चाहिए।