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मुरैना/भोपाल. मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में मुरैना जिले (Morena District) के दो गांवों मानपुर (Manpur) और पहावाली (Pahawali) में सोमवार रात को कथित तौर पर जहरीली शराब पीने (Poisonous Liquor Drinking) से 12 लोगों की मौत हो गयी और सात लोग गंभीर रूप से बीमार हो गये। पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) राजेश हिंगनकर (DIG Rajesh Hingankar) ने बताया कि संदिग्ध अवैध शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रुप से बीमार हो गये।

उन्होंने कहा कि भादवि की धारा 304 और आबकारी अधिनियम की संबद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया गया है तथा जांच और पूछताछ के लिये कुछ व्यक्तियों को हिरासत में भी लिया गया है। मध्यप्रदेश में बीते तीन माह में इस तरह की यह दूसरी घटना है| इससे पहले अक्टूबर माह में उज्जैन में जहरीली शराब पीने से 14 लोग मारे गये थे। घटना को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट में मुरैना के जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की।

चौहान ने ट्वीट किया, “मुरैना की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखदायी है। मामले की जांच जारी है, लेकिन प्रथम दष्टया सुपरविजन में लापरवाही बरतने पर जिला आबाकारी अधिकारी को निलंबित किया गया। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आयेंगे, जो भी दोषी होंगे, वो छोड़े नहीं जायेंगे। हम कठोर कार्रवाई करेंगे।”

इस बीच, अवैध शराब के सेवन से 12 लोगों की मौत होने और सात अन्य के घायल होने पर एक पुलिस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि घटना की जांच के लिये एक दल वहां भेजा जा रहा है।

मिश्रा ने ट्वीट में कहा, “मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। इस मामले में संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। जांच के लिये अलग से एक दल भी भेजा जा रहा है। घटना के लिए जिम्मेदार कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।”

इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने भी मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, “शराब माफियाओं का कहर जारी। उज्जैन में 16 जान लेने के बाद अब मुरैना में शराब माफियाओं ने 10 लोगों की जान ले ली। शिवराज जी, शराब माफिया आखिर कब तक यूं ही लोगों की जान लेते रहेंगे? सरकार बीमार लोगों का समुचित इलाज करवाये और पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करे।”

कमलनाथ ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार सुबह को जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 14 किलोमीटर दूर मानपुर एवं पहावाली गांवों में हुई।

उन्होंने बताया कि जहरीली शराब पीने से मानपुर और पहावाली गांव के 11 लोगों की मौत हो गयी तथा आठ लोग गंभीर रुप से बीमार हो गये। इस बाद अस्पताल में एक और बीमार व्यक्ति की मौत हो गयी। बीमार लोगों को बेहतर उपचार के लिये ग्वालियर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि सोमवार रात को अवैध शराब का सेवन करने वाले गांव के लोगों की हालत बिगड़ने लगी और 11 लोगों की मौत हो गयी और बाकी बीमार लोगों को उपचार के लिये ग्वालियर के अस्पताल में भेजा गया। सुजानिया ने बताया कि सभी मृतकों का मुरैना के जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि इनकी मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती लोगों के बयान लेने पुलिस वहां पहुंच गई है। उनके बयान लेने के बाद ही साफ हो पायेगा कि गांव में संदिग्ध जहरीली शराब कहां से आई थी। एसपी ने बताया कि पुलिस गांव में भी पूछताछ कर रही है। इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। (एजेंसी)