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भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chahuhan) अपने ससुर के निधन के बाद ट्वीटर पर पोस्ट की गई एक कविता के चलते कांग्रेस (Congress) के निशाने पर आ गये हैं। दरअसल चौहान ने ‘‘बाबुजी” शीर्षक वाली एक कविता पोस्ट की और बताया कि इसे उनकी पत्नी साधना सिंह ने लिखा है जिसमें उन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद की भावनाओं को व्यक्त किया है। इसबीच भूमिका बिरथरे नामक एक मीडियाकर्मी ने चौहान की पोस्ट की गई कविता पर स्वयं की रचना होने का दावा किया। इस पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि भाजपा नाम बदलने में माहिर है और यह बात एक बार फिर उजागर हो गई है।

क्या है मामला:

चौहान के सुसर का निधन 19 नवंबर को हुआ था और 22 नवंबर को उन्होंने कविता पोस्ट की और कहा, ‘‘मेरी धर्मपत्नी ने स्व. बाबू जी के पुण्य स्मरण और जीवटता को कुछ पंक्तियों में ‘‘पिरोया” है- जिसके कंधे पर बैठकर घूमा करती थी, उसे कंधा देकर आयी हूं….।” इसके बाद पत्रकार होने का दावा करने वाली युवती ने 30 नवंबर को मुख्यमंत्री को शिकायती लहजे में ट्वीट किया, ‘‘सर भांजी हूँ आपकी, मेरी कविता चुराकर आपको क्या मिलेगा? ये कविता मेरे द्वारा लिखी गयी है। उम्मीद है आप मेरे अधिकारों का हनन नहीं करेंगे, मामा तो अधिकारों की रक्षा के लिए हैं ना।” चौहान को राज्य में मामा भी कहा जाता है।

क्या है भूमिका का दावा:

चौहान के अलावा भूमिका ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित अनेक नेताओं को भी यह पोस्ट किया है। भूमिका ने यह भी दावा किया कि उसने मुख्यमंत्री से पहले 20 नवंबर को सोशल मीडिया पर ‘‘डैडी” नाम से लिखी अपनी कविता को पोस्ट किया था। भूमिका ने फेसबुक पर लिखा है, ‘‘प्रिय मामा जी, आपसे यह उम्मीद ना थी। एक मामा तो भांजी की कविता की भावनाओं को समझ सकता है ना… पर आपने तो उसे अपनी धर्मपत्नी के नाम से पोस्ट कर दिया। उम्मीद है कि आप अपनी गलती स्वीकार करें। भूमिका ने एक दिसंबर को फेसबुक में एक वीडियो पोस्ट करके यह भी दावा किया कि उसे पुलिस से फोन आ रहे हैं जो उसकी लोकेशन जानने की कोशिश कर रहे हैं। भूमिका ने सुरक्षा की मांग की है।

कांग्रेस की तरफ से बयानबाजी तेज:

इसबीच, कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा नाम बदलने में माहिर है यह बात एक बार फिर उजागर हो गई, पहले कांग्रेस की योजनाओं के नाम बदलते थे, फिर शहरों के नाम बदलने लगे और अब तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी दूसरों की लिखी हुई कविताओं को भी अपनी धर्मपत्नी की लिखी हुई कविता बताने लगे है । वाह शिवराज जी वाह।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के के मिश्रा ने भी भूमिका के पोस्ट को साझा करते हुए चौहान द्वारा इस कविता को अपनी पत्नी द्वारा लिखे जाने पर सवाल खड़ा किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ससुर घनश्याम दास मसानी का 19 नवंबर को निधन हो गया था।