Pan Masala

इंदौर (मध्य प्रदेश). वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने सोमवार को एक स्थानीय अदालत को बताया कि उसे एक उद्योगपति के खिलाफ पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार के जरिये 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित जीएसटी चोरी में शामिल होने के सुराग मिले हैं। इस मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक और तीन अन्य स्थानीय लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका है। मामले के आरोपियों में शामिल स्थानीय उद्योगपति किशोर वाधवानी की डीजीजीआई हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेश सिंह के सामने पेश किया गया।

केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से अदालत में पेश आवेदन में वाधवानी को मामले का “मुख्य षड़यंत्रकर्ता” और कर चोरी की अवैध कमाई का “प्रमुख लाभार्थी” बताया गया। इसके साथ ही कहा गया कि अब तक की छानबीन से पता चला है कि आरोपियों द्वारा साजिश के तहत जाली दस्तावेज बनाकर पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार के जरिये 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का जीएसटी चुराया गया है। आवेदन में यह भी कहा गया, “मामले में जीएसटी चोरी की राशि आगे की जांच में बढ़ने की पूरी संभावना है।”

डीजीजीआई के विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन ने अदालत से गुहार की कि मामले में जांच जारी होने के मद्देनजर वाधवानी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाये। वरना वह अपने प्रभाव के दुरुपयोग से जांच में रोड़े पैदा कर सकते हैं और दुबई भी भाग सकते हैं क्योंकि उनके पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का रेजिडेंस वीजा है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के साथ ही केस डायरी देखने के बाद डीजीजीआई का आवेदन मंजूर किया और वाधवानी को न्यायिक हिरासत के तहत 30 जून तक स्थानीय जेल भेज दिया।

गौरतलब है कि डीजीजीआई ने जीएसटी की बड़े पैमाने पर चोरी के खुलासे से जुड़े “ऑपरेशन कर्क” के तहत वाधवानी को मुंबई के एक होटल से 15 जून को गिरफ्तार किया था। इंदौर में अपने परिवार समेत शरण लेने वाले पाकिस्तानी नागरिक संजय माटा और तीन स्थानीय लोगों-विजय कुमार नायर, अशोक कुमार डागा और अमित कुमार बोथरा को जीएसटी चोरी के मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ये चारों आरोपी न्यायिक हिरासत के तहत पहले से जेल में बंद हैं। डीजीजीआई ने हाल ही में इंदौर और उज्जैन में कई ठिकानों पर छापेमारी में पान मसाला और सिगरेट तम्बाकू उत्पादों के अवैध तौर पर निर्माण, तस्करी और बिक्री के जरिये जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। (एजेंसी)