Shivraj and Kamal Nath

    भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ (Kamal Nath) लगातार विवादित बयान दे रहे हैं। कोरोना से मौत के आंकड़ों पर वह लगातार केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साध रहे है। इस बीच उन्होंने शुक्रवार को फिर एक बार विवादित बयान दिया है। जिसके बाद वह सुर्खियों में है। कमलनाथ ने सतना जिले के मैहर में कहा कि आज भारत महान नहीं बल्कि बदनाम देश है। सब देशों ने रोक लगाई है कि भारत के लोग नहीं आ सकते। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कमलनाथ पर जमकर निशाना साधा है।

    भारत महान नहीं बल्कि बदनाम देश है

    कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को मैहर में मां शारदा देवी के सीढ़ी के नीचे से दर्शन किए। पूजा अर्चना करने के पश्चात मैहर सर्किट हाउस में पहुंचकर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, “आज भारत महान नहीं बल्कि बदनाम देश है। सब देशों ने रोक लगाई है कि भारत के लोग नहीं आ सकते। पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। अमेरिका में लोग इंडियन टैक्सी में बैठना भी पसंद नहीं करते हैं।”

    मौत के आंकड़े जारी करने से डरती क्यों है राज्य सरकार?

    उन्होंने कहा कि,”प्रदेश में नए किस्म का माफिया है। कोविड माफिया। भारतीय जनता पार्टी के नेता 10 हजार रुपये लेकर अस्पतालों में मरीजों को बेड दिलवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के शमशान और कब्रिस्तान में डेढ़ लाख लाशें पहुंची हैं, 70 फीसदी का कारण कोविड है।”

    पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, “राज्य सरकार कोविड से होने वाली मौतों के आंकड़ों को जारी करने से डरती क्यों है। अपना प्रदेश आज शासन भरोसे नहीं भगवान भरोसे है। ब्लैक फंगस पर उन्होंने कहा कि कोई देश ब्लैक फंगस की बात नहीं कर रहा, हमारे देश के सिवा।”

    भाजपा का पलटवार

    कमलनाथ के उक्त बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने पलटवार करते हुए कहा कि, “सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को मौन तोड़ना पड़ेगा। आप साफ करें कि कमलनाथ गलत है। अगर गलत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करो या फिर आप कह दीजिए कि आप कमलनाथ के बयान से सहमत है।”

    वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने कमलनाथ को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, कमलनाथ जी, मेरा भारत महान था, महान है और महान ही रहेगा, लेकिन चीनी दिमाग से सोचने और इटालियन चश्मे से देखने वालों को यह नजर नहीं आएगा। आप जैसों को तो गोस्वामी तुलसीदास जी कहकर गये हैं कि ‘जाको प्रभु दारुण दुःख देही, ताकि मति पहले हर लेही।’