harda

    भोपाल. एक बड़ी ही चौंकाने वाली खबर के अनुसार मध्य प्रदेश के हरदा (Harda) में घुटने से उल्टे पैर के साथ एक बच्ची ने जन्म लिया है। हालाँकि बछि के जन्म के बाद से माता -पिता फरार हैं।  खबरों के अनुसार, हरदा जिला अस्पताल (Harda District Hospital) में जन्मी इस बच्ची के दोनों पैर के पंजे पीठ की तरफ मुड़े हुए हैं और डॉक्टर इसे अब अति दुर्लभ केस मान रहे हैं। 

    माता-पिता ने छोड़ा बच्ची को अस्पताल में : 

    दरअसल दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, हरदा के खिरकिया ब्लॉक के झांझरी के रहने वाले विक्रम की पत्नी पप्पी की बीते सोमवार दोपहर 12 बजे डिलीवरी हुई और उन्होंने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया।  नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delhivery) के बाद जब पता चला कि बच्ची के दोनों पैर ही उल्टे है।  अब इस असामान्य बच्ची के पैदा होने के बाद से ही उसके माता-पिता लापता हैं और बच्ची को अस्पताल में ही उन लोगों ने ऐसे ही छोड़ दिया है। 

    बच्ची को देख हैरान डॉक्टर और नर्स :

    इधर इस बच्ची को देखकर अब डॉक्टर और नर्स भी हैरान हैं, जो इसे एक अति दुर्लभ केस मान रहे हैं।  वहीं इस जन्मी बच्ची का वजन भी सामान्य से काफी कम है।  यूँ तो आमतौर पर जन्म के समय बच्चों का वजह 2.7 किलो से 3.2 किलो के बीच होता है, लेकिन इस बेचारी बच्ची का वजह सिर्फ 1.6 किलोग्राम है।  फिलहाल जन्म के बाद से ही यह बच्ची डॉक्टरों की सतत निगरानी में है और खतरे से बाहर बताई जा रही है

    करियर में अब तक नहीं देखा ऐसा कोई केस: डॉक्टर

    इस घटना पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सनी जुनेजा ने बताया कि, “मेरे 5 साल के करियर में अब तक ऐसा कोई भी केस नहीं आया हैं।  अब इस बच्ची की हालत को लेकर मैंने इंदौर और भोपाल के शिशु रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञों से बात की है।  उन्होंने भी इसे रेयर केस की ही संज्ञा दी है। “

    ऑपरेशन के हो सकते हैं पैर सीधे :

    इधर इस खबर पर इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल के हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ।  पुष्पवर्धन मंडलेचा ने कहा कि, ” देखा जाए तो यह एक अत्यंत दुर्लभ मामला है, जो लाखों में एक ही होते हैं।  कभी मां के गर्भ में कम जगह होने के चलते या अनुवांशिक की वजह से ऐसे मामले हो सकते हैं।  हालाँकि बच्ची को देखने के बाद ही अब कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि अब तक इस तरह का मामला कम से कम मैंने तो नहीं देखा है।  हालांकि, ऑपरेशन के बाद इन पैरों को सीधा किया जा सकता है।  लेकिन यह मामले की नजाकत पर ही निर्भर करता है।  “