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    भोपाल. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) से आने-जाने वाली यात्री बसों (Buses) के आवागमन पर 20 मार्च से रोक लगा दी है। मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने यहां कहा, “मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने गुरूवार को प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त आयुक्तों-जिलाधिकारियों तथा मेडिकल कॉलेज के डीन आदि से चर्चा कर महाराष्ट्र में बनी कोरोना की विस्फोटक स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र से आने-जाने वाली यात्री बसों के आवागमन पर 20 मार्च से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।”

    चौहान ने कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण में प्रदेश को पांच लाख खुराक प्रति दिवस की स्थिति में लाने के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण पुन: तेजी से फैल रहा है और इसके नियंत्रण के‍ लिए आर्थिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई जा सकती, इसलिए व्यापार और रोजगार में कोरोना से बचाव की सावधानियों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए, नहीं तो सरकार कड़ाई करेगी।

    चौहान ने कहा कि प्रदेश में यह सुशासन की पुन: परीक्षा है और बिना डरे कोरोना को परास्त करना है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर एवं भोपाल में बुधवार से रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया गया है। यह कर्फ्यू रात्रि 10 बजे से प्रात: छह बजे तक आगामी आदेश तक रहेगा।

    इसके अलावा, प्रदेश के सर्वाधिक प्रभावित आठ अन्य जिलों ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, रतलाम और छिंदवाड़ा में बुधवार रात्रि 10 बजे से प्रात: छह बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद किए गए हैं।

    चौहान ने कहा कि कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और घरों में पृथक-वास में टेली कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उनको पर्याप्त इलाज, सुझाव देने और सतर्क निगरानी की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही छोटे घरों में जहाँ पृथक-वास संभव नहीं हैं, वहाँ शासकीय अस्पतालों में पृथक वार्ड बनाकर पृथक-वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। (एजेंसी)