फिल्म जगत से लेकर राजनीतिक हस्तियों ने जताया शोक, ऐसे किया याद

इंदौर: हिंदी और उर्दू के मशहुर शायर राहत इंदौरी का हार्ट अटैक से निधन होगया है. वह कोरोना वायरस से संक्रमित भी थे. कल यानि सोमवार को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उन्होंने आज आखरी सांस ली. राहत साहब के निधन से शायरी जगत से लेकर राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है. नेता से लेकर अभिनेता तक अपने अपने अंदाज में याद कर रहे हैं. 

साहित्य जगत को बड़ा नुक़सान: राजनाथ सिंह 
देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सबसे पहले ट्वीट करते हुए कहा, ‘ मक़बूल शायर राहत इंदौरीजी के गुज़र जाने की खबर से मुझे काफ़ी दुख हुआ है। उर्दू अदब की वे क़द्दावर शख़्सियत थे।अपनी यादगार शायरी से उन्होंने एक अमिट छाप लोगों के दिलों पर छोड़ी है। आज साहित्य जगत को बड़ा नुक़सान हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके चाहने वालों के साथ हैं।”

मध्यप्रदेश और देश के लिए अपूरणीय क्षति: शिवराज सिंह 
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने याद करते हुए लिखा,” अपनी शायरी से लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मशहूर शायर, हरदिल अज़ीज़ श्री राहत इंदौरी का निधन मध्यप्रदेश और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी आत्मा को शांति दें और उनके परिजनों और चाहने वालों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।”

अलविदा राहत इंदौरी साहब: प्रियंका गाँधी वाड्रा
प्रियंका गाँधी वाड्रा ने उनकी शायरी एक शायरी को लिखते हुए याद किया. प्रियंका ने कहा, “सफ़र की हद है वहाँ तक कि कुछ निशान रहे चले चलो के जहाँ तक ये आसमान रहे ये क्या उठाये क़दम और आ गई मन्ज़िल, मज़ा तो जब है के पैरों में कुछ थकान रहे… वो एक सवाल है फिर उस का सामना होगा, दुआ करो कि सलामत मेरी ज़बान रहे|” अलविदा राहत इंदौरी साहब।”

बेहद ज़िंदादिल हमसफ़र हाथ छुड़ा कर गया 
कवी कुमार विस्वास ने राहत साहब के निधन पर कहा, “हे ईश्वर ! बेहद दुखद ! इतनी बेबाक़ ज़िंदगी और ऐसा तरंगित शब्द-सागर इतनी ख़ामोशी से विदा होगा,कभी नहीं सोचा था ! शायरी के मेरे सफ़र और काव्य-जीवन के ठहाकेदार क़िस्सों का एक बेहद ज़िंदादिल हमसफ़र हाथ छुड़ा कर चला गया.” 

मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे…
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने राहत इंदौरी को याद करते हुए कहा, “अब ना मैं हूँ ना बाक़ी हैं ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे…” अलविदा, राहत इंदौरी साहब।

विश्वास नहीं हो रहा है: कमलनाथ 
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिस्थ नेता कमलनाथ ने कहा, ” ख्यात शायर , प्रदेश ही नहीं देश की शान राहत इंदौरी साहब के दुःखद निधन का समाचार सुन मैं स्तब्ध हूँ। आज सुबह ही उनके अस्वस्थ होने का समाचार मिला , हम सभी ने दुआ की कि वे जल्द स्वस्थ हो लेकिन वो हमें यूँ अचानक , असमय छोड़ जाएँगे , यह विश्वास नहीं हो रहा है।” ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान व पीछे परिजनो को व उनके लाखों प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।