ठाकरे सरकार की बड़ी घोषणा: आपदा प्रभावितों को 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज

  • सब कुछ गंवा चुके किसानों को ठाकरे सरकार का दिवाली तोहफा
  • पुल और सड़क के लिए 2 हजार 635 करोड़ रुपये की निधि

मुंबई. मानसून (Monsoon) के आखिरी दौर में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश (Heavy rain) और बाढ़ (flood) की वजह से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) ने 10 हजार करोड़ रुपये के पैकेज (package) की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि दिवाली तक सभी प्रभावितों तक मदद की राशि पहुंच जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि केंद्र सरकार के पास राज्य का 38 हजार करोड़ रुपये बकाया है.

पिछले दिनों मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारी बारिश से तबाह हुए इलाकों का दौरा किया था. दौरे के समय किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे केवल आंकड़ा बताने नहीं आये हैं, पंचनामा का काम चल रहा है. अगले 2 दिनों में राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी. शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ ही केंद्र सरकार को भी घेरने का भरपूर प्रयास किया.

केंद्र के पास राज्य का 38 हजार करोड़ रुपये बकाया

ठाकरे ने कहा कि अब केंद्र सरकार ने राज्य का 38 हजार करोड़ रुपये नहीं दिया है. यह तो दूर केंद्र की टीम अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए भी नहीं आयी है. इस संदर्भ में हमने दो-तीन बार निवेदन भी किया, लेकिन उसका असर नहीं पड़ा है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बड़ी आपदा बताते हुए कहा कि हमने आपदा प्रभावितों को राहत देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज तैयार किया है. इसमें सड़क, पुल और खेती योग्य जमीन की मरम्मत का समावेश है. दिवाली तक लोगों तक मदद की राशि पहुंचाई जाएगी. आर्थिक दिक्कत है, लेकिन किसानों को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि जिरायत, बागायत जमीन के लिए 6 हजार 800 रुपये प्रति हेक्टेयर केंद्र सरकार की मदद बहुत कम है. इसलिए हमने प्रति हेक्टेयर 10  हजार रुपये दो हेक्टेयर तक देने का निर्णय लिया है. 

सीएम के सरकारी आवास पर बैठक हुई

भारी बारिश एवं बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण जनों और किसानों की मदद को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा पर बैठक हुई. जिसमें राजस्व मंत्री  बालासाहेब थोरात, जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल, मृद व जलसंधारण मंत्री शंकरराव गडाख, के अलावा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राहत और पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार, परिवहन मंत्री एड. अनिल परब उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री का राहत पैकेज

  • सड़क एवं पुल के लिए 2636 करोड़.
  • नगर विकास के लिए 300 करोड़.
  • महावितरण विद्युत आपूर्ति के लिए 239 करोड़.
  • जल संपदा विभाग के लिए 102 करोड़.
  • ग्रामीण सड़क व जलापूर्ति के लिए 1000 करोड़.
  • खेती की जमीन व घर के लिए 5500 करोड़.
  • कुल 9776 करोड़.

 

पैकेज महज धोखा है : देवेंद्र फडणवीस

इस बीच. पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी सरकार की तरफ से घोषित राहत पैकेज को किसानों के साथ विश्वासघात बताया है.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने वादे से पलट गए है, यह पैकेज महज धोखा है.सरकार के राहत पैकेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फडणवीस ने कहा कि किसानों को टुटपुंजिया मदद के लिए मुख्यमंत्री ने बहाना भी ढूंढ लिया. देवेंद्र फडणवीस ने याद दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इसके पहले 25 हजार और 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर नुकसान भरपाई की मांग कर चुके हैं. फलों के बगीचों के लिए तो उन्होंने 1 लाख रुपये तक की मदद मांगी थी, लेकिन अब यह मदद देनी नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी धकेलने का प्रयास किया जा रहा है. पैकेज के आंकड़े में मलहम पट्टी से किसानों को कुछ मिलने वाला नहीं है.यह किसानों के साथ विश्वासघात है.