udhaav thakrey

मुंबई. एक तरफ  महाराष्ट्र (Maharashtra)  में जहाँ मंदिर खुलवाने की राजनीति चरम पर है। वहीं अब BJP नेता अतुल भातखलकर ने CM उद्धव ठाकरे (Uddhav Thakrey) को आजाद मैदान (Azad Maidaan) में रामलीला (Ram Leela) के लिए अनुमति देने की मांग की है। जिस पर शिवसेना (Shivsena) नेता प्रताप सरनाईक ने पलटवार करते हुए कोरोना काल में ‘राम’ के नाम पर BJP को राजनीति करने से बाज आने को कहा है।

क्या कहा अतुल भातखलकर ने :

दरअसल मुम्बई के आज़ाद मैदान में बरसों से रामलीला होते आ रहे हैं। लेकिन इस वर्ष के कोरोना संक्रमण के चलते यह होना थोडा असंभव दिख रहा है। वहीं इस मुद्दे पर BJP नेता अतुल भातखलकर ने CM उद्धव ठाकरे से आजाद मैदान में रामलीला के लिए अनुमति का आग्रह किया है। भातखलकर ने कहा कि, “एक तरफ उद्धव सरकार राज्य में बार और रेस्तरां खुलवा रहे हैं, लेकिन देवालय नहीं। मैंबताना चाहता हूँ की बड़े पंडालों में सामाजिक दुरी का पालन करते हुए रामलीला की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से आग्रह है कि मंदिर नहीं खुलवाए ना सहीं पर रामलीला के लिए तो कम से कम अनुमति दें।”

शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक का पलटवार : 

वहीं इस मुद्दे पर शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने BJP पलटवार करते हुए कहा कि, “एक तरफ महाराष्ट्र कोरोना से अपने निर्णायक युद्ध पर है। लेकिन BJP इस वक़्त भी राम के नाम पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एक तरफ समूचे राज्य को वापस पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं इस विकट समय पर भी BJP ‘राम लल्ला’ की आड़ में अपनी राजनीति से बाज नहीं आ रही है। इस बात के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।”

बता दें कि बीते दिनों राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और CM उद्धव ठाकरे के बीच मंदिर खुलवाने हेतु पत्राचार में खूब कहा सुनी हुई थी। जिसको लेकर बीजेपी-शिवसेना एक दुसरे के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। फिलहाल इस राजनीति के केंद्रबिंदु पर रामलीला आयोजन का प्रश्न खड़ा है।